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पाकिस्तान के आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़, दिल्ली, महाराष्ट्र और UP से 6 आतंकी गिरफ्तार

New Delhi : दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल ने पाक के संगठित आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है. स्पेशल सेल ने 6 लोगों को गिरफ्तार किया है जिसमें से दो ने पाकिस्तान में बम बनाने की ट्रेनिंग ली थी. ये आतंकी दाऊद इब्राहिम के भाई अनीस के इशारे पर नवरात्रि और रामलीला के दौरान सीरियल ब्लास्ट करना चाहते थे.

 

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डीसीपी स्पेशल सेल प्रमोद कुशवाहा ने बताया कि स्पेशल सेल ने ऑपरेशन में विस्फोटक और अग्निशस्त्र बरामद किए हैं. ये गिरफ्तारियां दिल्ली, यूपी, महाराष्ट्र से हुई हैं. दिल्ली पुलिस एक महीने से इस ऑपरेशन को अंजाम दे रही थी. स्लिपर सेल का इस्तेमाल कर ये आतंकी दहशतगर्दी का खेल खेलना चाहते थे.

दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल ने बताया कि ये आतंकी कई राज्यों में फैले थे और ये त्योहारी सीजन में आतंक का नापाक खेल खेलना चाहत थे. इनके पास से आईडी बरामद की है. दिल्ली पुलिस ने अदालत से 14 दिन की रिमांड मांगी है जिससे इनसे पूछताछ कर इनके प्लान को जाना जा सके. तीन को यूपी, एक को कोटा और बाकी के 2 को दिल्ली से गिरफ्तार किया गया है. इन सभी के काम बंटे हुए थे. आईएसआईएस से लेकर अलकायदा तक सभी मिलकर इस काम को अंजाम देना चाहते थे. सबसे पहले आतंकी समीर की गिरफ्तारी की गई थी. इसमें अंडरवर्ल्ड का नाम भी सामने आया था. अंडरवर्ल्ड से इनको फंडिंग की जा रही थी.

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दिल्ली पुलिस के स्पेशल कमिश्नर नीरज ठाकुर ने बताया, ‘हमारे पास 10 टेक्निकल इनपुट थे. सबसे पहले महाराष्ट्र से एक आतंकी को पकड़ा गया. दो आदमी दिल्ली में अरेस्ट हुए. इसके बाद उत्तर प्रदेश से 3 लोग अरेस्ट किए गए. इनमें से 2 आतंकी अप्रैल में मस्कट गए थे. उन्हें मस्कट से बाई शिप पाकिस्तान ले जाया गया. वहां एक फार्म हाउस में रखकर विस्फोटक बनाने और AK-47 चलाने की 15 दिन की ट्रेनिंग दी गई.’

 

ठाकुर ने बताया कि पकड़े गए आतंकियों को 2 टीमों में बांटा गया था. इनमें से एक को दाऊद इब्राहिम का भाई अनीस इब्राहिम गाइड कर रहा था. आतंकियों की इस टीम का काम सीमा पार से हथियार लाना और उन्हें अलग-अलग राज्यों में भेजना था. यही टीम आने वाले फेस्टिवल सीजन में IED प्लांट करने वाली थी. नवरात्रि और रामलीला के दौरान भीड़ भरे इलाके इनके निशाने पर थे.

पुलिस को शुरुआती पड़ताल में पता चला है कि हथियार लाने वाली टीम को सपोर्ट देने के लिए दूसरी टीम को हवाला के जरिए पैसा लाने और आतंकियों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी दी गई थी. इसी टीम के ऊपर बाकी आतंकियों के लिए सपोर्ट सिस्टम तैयार करने की जिम्मेदारी थी.

ठाकुर ने कहा, ‘पाकिस्तान में ट्रेनिंग लेकर ये लोग मस्कट लौटे. मस्कट से 15 बांग्ला बोलने वाले लोगों को भी पाकिस्तान ले जाया गया था. लगता है उन्हें भी ट्रेनिंग दी गई है. पुलिस पकड़े गए आतंकियों से पूछताछ के लिए इन्हें रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही है.

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