
Ranchi: राजधानी में अलग-अलग एजेंसियां डेवलपमेंट का कार्य कर रही है. कहीं पाइपलाइन बिछाने का काम चल रहा है तो कहीं अंडरग्राउंड केबलिंग का. इसके अलावा टेलीकॉम कंपनियां भी जहां-तहां खुदाई करने में लगी है. इन सभी को सख्त आदेश दिया गया था कि काम पूरा होने के बाद एक हफ्ते के अंदर खोदे गए जगहों पर रिस्टोरेशन किया जाए. लेकिन एजेंसी के कानों पर जूं तक नहीं रेंगी. वहीं खोदकर छोड़े गए गड्ढों को भरने के नाम पर एजेंसियां आईवॉश करने में लगी है. गड्ढों में केवल मिट्टी डालकर छोड़ दिया जा रहा है. जिससे कि राजधानी में फिर एक्सीडेंट का खतरा मंडरा रहा है. बताते चलें कि खोदे गए गड्ढों की वजह से आए दिन लोग दुर्घटना के शिकार हो रहे है.
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बोर्ड भी नहीं लगाया एजेंसियों ने
डिप्टी मेयर संजीव विजयवर्गीय ने पिछले दिनों काम कर रही एजेंसी के अधिकारियों व प्रतिनिधियों के साथ बैठक की थी. जिसमें एजेंसियों को नगर निगम की कमिटी के साथ कोआर्डिनेट करते हुए काम करने को कहा गया था. इसके अलावा एजेंसियों को यह भी कहा गया था कि जब तक गड्ढों का रिस्टोरेशन नहीं किया जाता है तो वहां पर एक नोटिस बोर्ड लगाएं. जिससे कि लोगों को गड्ढे के बारे में पता चल सके. लेकिन एजेंसियों ने इस आदेश को भी ताक पर रख दिया.
22 दिन में 4 दर्जन एक्सीडेंट
रिम्स और पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, शहर में पिछले 22 दिनों में 47 रोड एक्सीडेंट हुए. इनमें दर्जनों को गंभीर चोटें आईं. गड्ढों के कारण जो सड़क दुर्घटनाएं हुईं, उनमें 13 लोगों की जान जा चुकी है. जिससे समझा जा सकता है कि शहर का कोई भी इलाका इससे अछूता नहीं है.






