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लौहनगरी में हर महीने औसतन 23 लोग कर लेते हैं खुदकुशी, तंगी और घरेलू कलह सबसे बड़ा कारण

इस साल जुलाई तक 160 लोगों ने अपनी इहलीला समाप्त कर ली, फरवरी और मार्च में आत्समहत्या की सबसे ज्यादा घटनाएं घटीं

 Raj kishor

jamshedpur : मानगो थाना क्षेत्र के सहारा सिटी स्थित सुपर डेल्टा फ्लैट संख्या-351 में रहनेवाली 45 वर्षीय नीतू सिंह ने पिछले सोमवार की रात फांसी लगा ली. नीतू के पति जेके सिंह बीएसएफ में डिप्टी कमांडेंट हैं और पंजाब में तैनात हैं. पुलिस ने घटनास्थल से छह पन्नों का सुइसाइल नोट बरामद किया. इसके अनुसार नीतू का उसके पति के साथ लंबे समय से विवाद चल रहा था. मामला कोर्ट में था. कोरोना काल में न्यायिक कार्य काफी धीमी गति से चलने से नीतू अक्सर परेशान रहती थी. उसकी दोनों बेटियां भी अपने पिता के साथ रहती थी. जवाहरनगर रोड नंबर-नौ के पास बुटिक चलानेवली नीतू अकेलेपन की वजह से वह काफी तनावग्रस्त थी. इसका भी जिक्र उसने सुसाइड नोट में किया है.

लौहनगरी में कोरोनाकाल में बढ़े आत्महत्या के मामले

नीतू की खुदकुशी अकेला मामला नहीं है. लौहनगरी जमशेदपुर और इससे सटा औद्योगिक इलाका आदित्यपुर देश के उन कई शहरों में शामिल है, जहां कोरोना संक्रमण काल में आत्महत्याओं की संख्या में काफी वृदद्धि हुई. शहर में आत्महत्या निवारण की दिशा में काम करने वाली संस्था जीवन के अनुसार साल 2021 में जुलाई महीने तक 160 लोगों ने अपने हाथों की अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली. यानी हर महीने औसतन 23 लोगों ने खुदकुशी कर ली.

आत्महत्या करनेवालों में पुरुषों की संख्या अधिक

विशेषज्ञों की मानें, तो खुदकुशी की अधिकांश घटनाएं लॉकडाउन पीरियड में नौकरियां गंवाने, आर्थिक तंगी और पारिवारिक कलह की वजह से हुईं. इसके मुताबिक इस साल (वर्ष-2021)  के जनवरी महीने से लेकर अब तक जमशेदपुर और आदित्यपुर में सबसे अधिक आत्महत्या की घटनाएं फरवरी और मार्च के महीने में हुई हैं. आत्महत्या करनेवाले लोगों में पुरुषों की संख्या ज्यादा रही. आत्महत्या की सबसे ज्यादा घटनाएं फरवरी (34) और मार्च (38) के महीने में हुईं. इसके बाद अप्रैल में इस आंकड़े में थोड़ी कमी आयी और इस दौरान 18 लोगों ने आत्महत्या की. मई के महीने में यह संख्या बढ़कर 20 हो गयी. जून (16) और जुलाई (12) में आत्महत्या की घटनाओं में कमी देखने को मिली.

वर्ष 2021 में आत्महत्या के आंकड़ों पर एक नजर

महीना           घटनाएं           पुरुष

जनवरी            18                12

फरवरी            34                26

मार्च                38                23

अप्रैल              18                11

मई                 24                20

जून                16                12

जुलाई             12                11

लॉकडाउन में नौकरियों पर संकट और पारिवारिक कलह है जिम्मेदार  

कोरोना काल में आत्महत्या की घटनाओं में बढ़ोत्तरी को लेकर विशेषज्ञों का कहना है कि इसके पीछे नौकरियां जाने से होनेवाली आर्थिक तंगी सबसे ज्यादा जिम्मेवार हैं. अधिकांश लोगों की आत्महत्या के पीछे यही वजह सामने आई है. वहीं, पारिवारिक कलह भी कोरोना संक्रमणकाल में आत्महत्या के बढ़ते मामलों का दूसरा बड़ा कारण साबित हुआ है. क्योंकि इस काल में पति-पत्नी एवं घर के अन्य सदस्यों का अधिकांश समय घर में ही बीता. इससे छोटी-बड़ी विभिन्न बातों को लेकर आपस में कलह भी बढ़ा. इस कारण भी कई लोग अत्यधिक मानसिक तनाव में आये. जो इस तनाव को झेल नहीं पाये, उन्होंने आत्महत्या का रास्ता चुना. विशेषज्ञों का कहना है कि खुद और आस-पास के लोगों को जागरुक कर इस तरह की परिस्थितियों से बचा जा सकता है.

जिंदगी चुनें, जीवन है हमेशा आपके साथ : डॉ जेआर जैन 

जीवन के डायरेक्टर डॉ जेआर जैन का कहना है कि किसी भी परिस्थिति में जिंदगी को चुनने की जरूरत है. संस्था हमेशा ही मानसिक तनाव के दौर से गुजर रहे लोगों को साथ है. उन्होंने कहा कि उनकी संस्था ऐसे लोगों को पूर्ण और सही भावनात्मक सहयोग प्रदान करती है. यह सेवा पूरी तरह से नि:शुल्क और गोपनीय है. इसके लिए सुबह 10 बजे से शाम 7 बजे तक संस्था के हेल्पलाइन और व्हाट्सएप नंबर पर कॉल किया जा सकता है. जीवन का हेल्पलाइन नंबर है-9297777500, 9297777499 (सिर्फ कॉल), 9955377500, 9955435500 (कॉल और व्हाट्सएप्प).

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