
New Delhi: तेल कंपनियों ने लगातार 11वें दिन पेट्रोल, डीजल के दाम में वृद्धि की है. बुधवार को पेट्रोल का दाम 55 पैसे और डीजल के दाम में 60 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गयी. कुल मिलाकर पिछले 11 दिन में पेट्रोल 6.02 रुपये और डीजल का दाम 6.40 रुपये प्रति लीटर बढ़ चुका है.
तेल विपणन कंपनियों द्वारा जारी अधिसूचना के मुताबिक दिल्ली में पेट्रोल का दाम 76.73 रुपये से बढ़कर 77.28 रुपये प्रति लीटर हो गया. वहीं डीजल का दाम 75.19 रुपये से बढ़कर 75.79 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गया.
राज्यों में तेल के दाम में क्यों रहता है अंतर
तेल कंपनियां अंतरराष्ट्रीय बाजार में पेट्रोलियम पदार्थों के दाम में आने वाली घट-बढ़ के अनुरूप पूरे देश में समान रूप से पेट्रोल, डीजल के दाम घटाती या फिर बढ़ातीं हैं. लेकिन राज्यों में स्थानीय स्तर पर अलग-अलग दर से लगने वाले बिक्री टैक्स या मूल्य वर्धित टैक्स (वैट) के कारण इनके दाम में अंतर रहता है.
तेल कंपनियों ने 7 जून से जब दोनों ईंधनों के दाम में दैनिक संशोधन की शुरुआत की है तब से लगातार दाम बढ़ते चले गये हैं। इससे पहले कोरोना वायरस और लॉकडाउन के चलते लगातार 82 दिन तक दाम में कोई बदलाव नहीं किया गया. इस दौरान सरकार ने पेट्रोल, डीजल पर उत्पाद शुल्क में वृद्धि भी की.
सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों इंडियन आयल कार्पोरेशन (आईओसी), भारत पेट्रोलियम कार्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) और हिन्दुस्तान पेट्रालियम कार्पोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) ने उत्पाद शुल्क वृद्धि का बोझ ग्राहकों पर डालने के बजाय तब उसे अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम में आयी गिरावट के साथ मिला दिया.
क्यों बढ़ रही कीमत
कोरोना संकट के कारण कई देशों में लॉकडाउन था, जो अब खुलने लगा है. इसकी वजह से वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की डिमांड बढ़ गई है. इस हालात में कच्चे तेल की कीमतें मजबूत होने लगी हैं, जबकि डॉलर के मुकाबले रुपये में गिरावट का सिलसिला जारी है.
अपने देश भारत की बात करें तो पेट्रोलियम कंपनियां अपने को नुकसान से बचाने के लिए इसका बोझ ग्राहकों पर डालने लगी हैं. ऐसे में अनुमान है कि अगले कुछ दिनों में पेट्रोल और डीजल के दाम में और बढ़त हो सकती है.
कैसे तय होती है कीमत
विदेशी करंसी रेट के साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड की कीमतें क्या हैं, इस आधार पर रोजाना पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बदलाव होता है. इन्हीं मानकों के आधार पर तेल कंपनियां पेट्रोल और डीजल के दाम तय करती हैं. डीलर पेट्रोल पंप चलाने वाले लोग हैं. वे खुद को खुदरा कीमतों पर उपभोक्ताओं के अंत में टैक्स और अपने खुद के मार्जिन जोड़ने के बाद पेट्रोल बेचते हैं. पेट्रोल रेट और डीजल रेट में यह कॉस्ट भी जुड़ती है.




