GiridihJharkhand

मैला पिलाने की घटना की जांच को पहुंचीं अधिकारी, पूर्व पार्षद बोले- पीड़ित महिलाओं को समाज से बाहर करना चाहिए

Giridih : शहर के झिंझरी मुहल्ला में दो परिवारों के बीच विवाद में मैला पिलाने की घटना की जांच करने शनिवार को जिला समाज कल्याण पदाधिकारी पम्मी सिन्हा और शहरी सीडीपीओ सुमन गुप्ता पुलिस जवानों के साथ पहुंचीं.

इस दौरान स्थानीय वार्ड पार्षद बबीता श्रीवास्तव और पूर्व पार्षद सह भाजपा नेता शिवम श्रीवास्तव भी मौजूद थे. डीसी के निर्देश पर दोनो पदाधिकारी गयी तो थीं मामले की जांच करने, लेकिन उनकी मौजदूगी में ही एक बार फिर पूर्व पार्षद सह भाजपा नेता शिवम श्रीवास्तव के बिगड़े सुनने को मिले.

शिवम ने कहा कि पीड़ित व दोषी लोगों को ही समाज से हटा देना चाहिए. उन्होंने पीड़िताओं को बुद्धिहीन करार देते हुए कहा, “लगातार समाज में चलाये जा रहे जागरुकता अभियान के बाद भी लोग समझ नहीं पा रहे तो उनलोगों को हटा देना ही उचित है.”

इसे भी पढ़ें : पलामू : एक ही परिवार के तीन लोगों को सांप ने काटा, झाड़फूंक में दो की गयी जान, एक गंभीर

समाज कल्याण पदाधिकारी बचाव में उतरीं

पूर्व पार्षद के बिगड़े बोल पर समाज कल्याण पदाधिकारी पम्मी सिन्हा ने उनका बचाव किया. उन्होंने सफाई देते हुए कहा, “हमलोग मामले की जांच सरकारी पदाधिकारी की हैसियत से करने आये हैं. इसलिए पूर्व पार्षद के किसी बयान को अधिकृत रूप से नहीं लिया जाना चाहिए. मुहल्ले में छोटी-छोटी घटनाओं की पंचायती होने से कई बार जनप्रतिनिधि परेशान हो जाते हैं. पूर्व पार्षद परेशान होकर ऐसी बातें कर रहे है.”

पम्मी सिन्हा ने यह भी कहा कि इस तरह के संवेदेनशील मामले में पीड़ित परिवार के सदस्यों को इलाके के वार्ड पार्षद को जानकारी देनी चाहिए लेकिन इस मामले में पीड़ित परिवार ने इसे उचित नहीं समझा.

‘दवा की पर्ची या रैपर नहीं दिखाया तो कार्रवाई होगी’

इस दौरान सीडीपीओ सुमन गुप्ता ने समाज कल्याण पदाधिकारी की मौजदूगी में ही पीड़ित महिलाओं को चेतावनी के लहजे में कहा कि अगर वे दवाई की पर्ची या रेपर नहीं दिखाती हैं तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई होगी. सीडीपीओ के इस तेवर को देखकर परिवार की महिलाएं भीतर घुस गयीं.

जांच के दौरान दोनों पदाधिकारियों ने माना कि पीड़ित महिला व उसकी ननद को कुछ पिलाया गया है पर स्पष्ट नहीं है कि वह क्या था.

उन्होंने कहा कि यह तभी स्पष्ट हो पायेगा जब पीड़ित महिलाएं सामने आकर कुछ बतायेंगी या आरोपी परिवार के सदस्य बतायेंगे जो जेल भेजे जा चुके हैं.

इसे भी पढ़ें : जमशेदपुर गोलीकांड : चंदन को आया होश, कहा- पूनम से नाजायज संबध नहीं, मनोज ने शक में गोली चला दी

‘डर से रिश्तेदार के घर चली गयी हैं महिला व ननद’

हालांकि, जांच करने पहुंची पदाधिकारियों की मुलाकात पीड़ित महिला और उसकी ननद से तो नहीं हुई. पीड़ित महिला के पति और उसके परिवार के कुछ सदस्यों से मुलाकात होने पर पता चला कि पीड़िता कुछ दिनों से भय के कारण  किसी रिश्तेदार के घर चली गयी है.

जांच के दौरान परिवार की महिला सदस्यों ने बताया कि जो घटना बीते 16 जुलाई को हुई, उसके बाद वे लोग महिला थाना शिकायत करने पहुंची थीं. लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई. इस बीच महिला की तबीयत खराब होने के बाद उसे उल्टी कराने वाली दवाई दी गयी.

परिवार की सदस्यों ने यह भी कहा कि जब तक वह लोग कुछ समझ पाते, नगर थाना की पुलिस घटनास्थल पहुंची और पांच में से चार आरोपियों को गिरफ्तार कर दुसरे दिन जेल भेज दिया.

जांच करने पहुंची समाज कल्याण पदाधिकारी पम्मी सिन्हा ने पीड़िता महिला के परिवार को भरोसा दिलाया कि हर हाल में पीड़िता को इंसाफ दिलाया जायेगा और उसका पुनर्वास होगा. उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट जल्द ही डीसी को सौपी जायेगी.

इसे भी पढ़ें : मुंबई में बारिश का कहर, रेल, विमान सेवाएं बाधित, महालक्ष्मी एक्सप्रेस में  700 यात्री फंसे,  नौसेना से मदद की गुहार

Related Articles

Back to top button