
Koderma: आंगनबाड़ी केंद्र में कार्यरत पोषण सखी को पिछले नौ माह से मानदेय नहीं मिलने पर पोषण सखियों ने आक्रोश व्यक्त करते हुए 20 नवंबर को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का पुतला दहन करने का प्रस्ताव पास किया है. दरअसल, लंबित मानदेय के भुगतान की मांग को लेकर कई बार धरना प्रदर्शन भी हुए पर कोई नतीजा नहीं निकला है. ऐसे में पिंकी कुमारी की अध्यक्षता में पोषण सखी समन्वय समिति (सीटू) की बैठक में उक्त निर्णय लिया गया.
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बैठक को संबोधित करते हुए सीटू राज्य कमिटी सदस्य संजय पासवान ने कहा कि पिछले नौ माह से पोषण सखी को मानदेय नहीं मिल रहा है. जिसके कारण दुर्गापूजा, दिवाली व छठ जैसे त्योहार फीका रहा. वहीं दूसरी तरफ झारखंड सरकार पोषण सखी को नौकरी से हटाने की साजिश कर रही है. कोरोना काल में लाखों लोगों की आर्थिक स्थिति खराब हो गई है, ऐसे समय में पोषण सखी को हटाने के बारे सोचना मानवता के खिलाफ है. एक तरफ हेमंत सरकार रोज घोषणा कर रही है कि लाखों रिक्त पदों पर जल्द बहाली होगी, दूसरी तरफ 10 हजार पोषण सखी का रोजगार खतरे में है. जरूरत पड़ी तो हम सड़कों पर संघर्ष के साथ ही न्यायालय का भी दरवाजा खटखटायेंगे. आंगनबाड़ी संघ की प्रदेश अध्यक्ष मीरा देवी ने कहा कि सीटू के मार्गदर्शन में ही पोषण सखी की मांगों को लेकर सही लड़ाई लड़ी जा सकती है.
बैठक में गायत्री देवी, सुलेखा वर्मा, जरीना खातुन, रिंकि देवी, अंजु देवी, पिंकी कुमारी, शिल्पी देवी, राखी रजक, उर्मिला देवी, गुलनाज प्रवीण, सलमा खातून, बिनीता यादव, प्रीति कुमारी माया प्रसाद, बन्टी कुमारी, बेबी कुमारी, सरिता कुमारी आदि मौजूद थीं. धन्यवाद ज्ञापन गायत्री देवी ने किया.




