
Ranchi: दारोगा लालजी यादव आत्महत्या मामले में अब सत्ता पक्ष ने भी सरकार से उच्चस्तरीय जांच की मांग की है. प्रदेश भाजपा पहले से यह मांग करती आ रही है. पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री मिथिलेश कुमार ठाकुर ने इसके लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर अनुरोध किया है. साथ ही इसकी प्रति मुख्य सचिव एवं पुलिस महानिदेशक को भी भेजी है. सीएम को लिखे पत्र में मंत्री ने उल्लेख किया है कि जिन परिस्थितियों में दारेागा लाल यादव ने आत्महत्या की है, उसे लेकर पूरे पलामू प्रमंडल एवं राज्य के अन्य जगहों में इस मामले को लेकर आम जनता अपने-अपने तरीके से इस पूरे घटनाक्रम का आकलन कर रही है.
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भ्रम की स्थिति भी बन गयी है. स्थानीय समाचार पत्रों, सोशल मीडिया, सामाजिक संगठनों एवं राजनीतिक दलों के साथ भी यही स्थिति है. सभी अपने तरीके से विवादास्पद विचार व्यक्त कर रहे हैं. समाचार पत्रों में पूर्व में घटित पलामू जिलांतर्गत नावाबाजार थाना काण्ड संख्या-32/2021 को भी इस मामले से जोड़कर देखा जा रहा है. ऐसे में जरूरी है कि इस मामले की वास्तविकता परखने को उच्च स्तरीय जांच हो.
लालजी के परिजनों को मिले न्याय
मिथिलेश ठाकुर ने लिखा है कि जिला परिवहन पदाधिकारी, पलामू के भूमिका की जांच जरूरी है. समाचार पत्रों, सामाजिक संगठनों एवं राजनीतिक दलों तथा आमजनों में भ्रम एवं विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई है जिसे दूर करना जरूरी है. इस पूरे प्रकरण का पटाक्षेप हो. इस घटनाक्रम से उपजे विवाद एवं भ्रम की स्थिति समाज में स्पष्ट हो, इसके लिए आवश्यक है कि लालजी यादव आत्महत्या मामले के साथ-साथ पलामू जिलांतर्गत नावाबाजार थाना काण्ड संख्या-32/2021 की भी उच्च स्तरीय जांच राज्य सरकार कराये. इससे दारोगा लालजी के परिजनों को न्याय मिल सकेगा. जनता के सामने भी दूध का दूध और पानी का पानी हो जायेगा.
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