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अब लीजिए झारखंडी काले टमाटर का मजा, जानिये क्या है खासियत

Ranchi: आपने मार्केट में लाल-लाल टमाटर देखें होंगे, हरे रंगे के टमाटर भी देखें, लेकिन हम आपको बता दें कि झारखंड के बाजार में जल्द ही काले टमाटर भी देखने को मिलेंगे. इंडिगो रोज टोमेटो के नाम से जाने जाने वाले इस काले टामाटर को अब सूबे के कई जिलों में किसान खेती कर रहे हैं. अब रामगढ़, हजारीबाग, धनबाद, पलामू आदि जिलों में इसकी खेती की शुरुआत के लिए कृषि विभाग की ओर से भी किसानों को प्रमोट किया जा रहा है. सबसे पहले इस टमाटर के बीच रामगढ़ के एक बुजूर्ग किसान ने लगायी थी, जिसके अच्छे परिणाम मिलने के बाद अन्य किसानों ने भी इसकी खेती करने का मन बनाया.

विभाग की ओर से भी किसानों को इसके अच्छे बीज खरीदने व इसके खेती करने के तरीकों के बारे में जानकारी दी जा रही है. कृषि मित्र किसानों के बीच इस नए किस्म के बीजों को लगाने के तरीके व इससे आमदनी बढ़ाने के भी टीप्स दे रहे हैं.

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मालूम हो कि अभी तक राज्य में सेब और स्ट्राबेरी जैसे फलों की सफल खेती की जा चुकी है. पलामू जिले में किसानों ने इस अनोखी खेती को कर अपनी आय बढ़ायी है. साथ ही इन फलों के क्षेत्र में राज्य आत्मनिर्भर बनने की ओर भी बढ़ रहा है. इसकी फसल में तापमान से लेकर मिट्टी के पौषक तत्वों को बारीकि से देख इसे उस खेती के लायक बनाया जाता है.

हार्टीकल्चर के अधिकारी वी कुमार के अनुसार इस टमाटर में कई ऐसे गुण पाए जाते हैं जो अन्य सब्जियों में फिलहाल नहीं देखा गया है. आस्ट्रेलिया का यह काला टमाटर मधुमेह रोगियों के लिए रामबाण की तरह है. इसके उपयोग करने से मधुमेह पर लगाम पाया जा सकता है. अभी तक हुए वैज्ञानिक शोध में यह पाया गया है कि इसके इस्तमाल से कैंसर जैसे रोग से भी लड़ने में सहायता मिलती है. इस टमाटर में आयरन, विटामीन सी, खनीज, एंटी ऑक्सीडेंट सहित अन्य पौषक तत्व भरे हुए हैं. जो कई मायनों से लोगों को लाभ पहुंचा सकता है.

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दोगुने दर से बिकेंगे काला टमाटर

काला टमाटर की कीमत बाजार में आम टमाटरों के मुकाबले अधिक है. बाजारों में इसकी कीमत दो से तीन गुना अधिक मिलने की उम्मीद जतायी जा रही है. यह भी कारण है कि इसे देखते हुए किसान इसकी अधिक से अधिक खेती करने के लिए आगे आ रहे हैं. किसानों के पास सबसे बड़ी समस्या इसके बीज को लेकर है, जो फिलहाल बाजार में आसानी से उपलब्ध नहीं है और जिसे मंगवाने पर अधिक पैसे लग रहे हैं. इसे देखते हुए कृषि विभाग इस बीच की उपलब्धता को लेकर काम कर रहा है.

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