
महिला बंदियों के वार्ड, रसोई, शौचालय, कारा अस्पताल एवं परिसर का निरीक्षण किया
Ranchi : झारखंड राज्य बाल सरंक्षण आयोग की टीम ने मंगलवार को बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा होटवार का निरीक्षण किया. टीम ने इस दौरान महिला वार्ड का निरीक्षण किया. जिसमें महिला बंदियों के वार्ड, रसोई, शौचालय, कारा अस्पताल एवं परिसर का निरीक्षण किया गया. इस दौरान पांच महिला बंदियों ने आयोग को बताया कि उनके घर में कोई सदस्य नहीं है. ऐसे में बच्चे अकेले रहते है. जिनकी परवरिश की चिंता हो रही है. इस पर आयोग ने आश्वस्त किया कि जिला में बाल संरक्षण यूनिट है, जो ऐसे बच्चों को संरक्षण देने का काम करती है. आयोग संबधित जिले के डीसीपीओ को जांच करने कर कार्रवाई करने का आदेश देगा. निरीक्षण के दौरान महिला बंदियों के साथ 12 बच्चे पायें गये. जिसमें पांच बालिकाएं और सात बालक थे. जिनकी उम्र छह साल से कम थी.
दी जा रही वोकेशनल ट्रेनिंग
आयोग की टीम ने निरीक्षण के दौरान बताया कि महिलाओं को कारा के अंदर वोकेशनल ट्रेनिंग दी जा रही है. जिसमें फैशन डिजाइनिंग प्रिंटिंग आर्टिफिशियल ज्वेलरी निर्माण, पेंटिंग की ट्रेनिंग दी जा रही है. वहीं जो महिलाएं इच्छुक है उन्हें पढ़ाया भी जा रहा है. बच्चों को शिक्षित करने के मामले पर आयोग को जानकारी दी गयी कि बच्चों के पढ़ाई की पूरी व्यवस्था जेल में है. इस दौरान महिलाओं ने पेंटिंग, ज्वेलरी मेकिंग और प्रिंटिंग का कार्य करके दिखाया.
बंदियों ने कहा नहीं है कोई परेशानी
बातचीत के दौरान बंदियों ने जानकारी दी कि जेल में उन्हें कोई परेशानी नहीं है. सप्ताह में दो दिन डॉक्टर विजिट करने आते हैं. इस पर आयोग की टीम पूरी तरह संतुष्ट दिखी. अध्यक्ष आरती कुजूर ने जानकारी दी कि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कैदियों की उपस्थिति दर्ज कराते हुए पाया एवं सीसीटीवी कैमरे के नियंत्रण कक्ष का निरीक्षण किया. उन्होंने बताया कि जेलर ने जानकारी दी कि वे खुद बंदियों की रेगुलर कांउसिलिंग करते हैं
ये थे उपस्थित
मौके पर बाल कल्याण समिति रांची की सदस्य तनुश्री सरकार, पीयूष सेनगुप्ता, अजुर्न कुमार समेत अन्य उपस्थित थे.




