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अब अफीम नहीं, लेमनग्रास की खेती से बदलेगा ग्रामीणों का जीवन

Ranchi : अलग-अलग जिलों में अफीम की खेती की खबरें आती रही हैं. राज्य सरकार ने इसे रोकने की एक नयी पहल की है. खूंटी जिला प्रशासन इसकी खेती को रोकने के लिए आवश्यक कार्रवाई के साथ ही ग्रामीणों को इसका विकल्प भी देने में लग गया है. जिले में औषधीय और सुगंधित पौधों की खेती को अफीम का विकल्प बनाया जा रहा है. इसकी खेती के जरिये जीवन संवारने के लिए किसानों को मदद दी जा रही है.

गुरुवार को डीसी शशि रंजन, एसपी आशुतोष शेखर, एसडीएम सैयद रियाज अहमद, जिला कृषि पदाधिकारी कालीपद महतो, मुरहू सीओ और जेएसएलपीएस के नमन कुमार कोजड़ोंग गांव पहुंचे.

सभी ने किसानों द्वारा खेतों में लगाये गये लेमनग्रास को देखा. डीसी ने कहा कि जिले की यह बड़ी सफलताओं में से एक है. लेमनग्रास की खेती की केस स्टडी बना कर केंद्र सरकार को भेजी जायेगी.

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सैकड़ों एकड़ में लेमनग्रास की खेती

जिला प्रशासन और सेवा वेलफेयर सोसाईटी के द्वारा जिले में 100 एकड़ में लेमनग्रास की खेती करने के लिए 2021 में एमओयू हुआ था. उसके तहत अब तक 75 एकड़ में लेमनग्रास लगाया जा चुका है. अभी 25 एकड़ में लगाने का काम जारी है. जेएसएलपीएस के द्वारा जिले में 135 एकड़ में लेमनग्रास की खेती की गयी है.

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इससे तेल निकालने और बाजार व्यवस्था का भी इंतजाम हो गया है. लगभग 20 लाख रुपये की लागत से पूर्वी भारत का सबसे बेहतर आसवन केंद्र जिला प्रशासन द्वारा आकांक्षी जिला मद से मुरहू प्रखंड के सुरूंदा गांव में स्थापित किया गया है.

इसकी क्षमता एक टन की है. इसके अलावा अनिगड़ा में एक आसवन केंद्र का संचालन जेएसएलपीएस के द्वारा किया जा रहा है. इससे अब लेमनग्रास से तेल निकालना आसान हो गया है.

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बेकार जमीन का सदुपयोग

डीसी के मुताबिक पहाड़ी और जंगली इलाकों में अनुपयोगी अपलैंड अक्सर बेकार रहता था. इसका उपयोग लेमनग्रास की खेती के लिए किया जाने लगा है. अब बेकार भूमि से भी ग्रामीणों के लिए आजीविका का साधन विकसित हुआ है. जिले में व्यापक रूप से लेमनग्रास की खेती को बढ़ाया जायेगा.

एसपी आशुतोष शेखर के मुताबिक लेमनग्रास की खेती एक अच्छा प्रयास है. समाज में अवैध रूप से अफीम की खेती करने वाले और भटके हुए लोगों के लिए यह आजीविका का एक सशक्त माध्यम है.

भविष्य में लेमनग्रास की खेती गांव, समाज के लोगों के लिए आजीविका का सशक्त साधन होगा. इससे ग्रामीणों के साथ साथ खूंटी भी एक खुशहाल जिला बनेगा.

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