
New Delhi: निर्भया के दोषी अब फांसी के फंदे से नहीं बच पायेंगे. निर्भया गैंगरेप केस के दोषी पवन गुप्ता की दया याचिका राष्ट्रपति ने खारिज कर दी है. पवन गुप्ता की क्यूरेटिव पिटिशन पहले ही सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दी है.
वहीं सुप्रीम कोर्ट में क्यूरेटिव पिटीशन खारिज होने के बाद दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने डेथ वारंट पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है. बता दें कि दोषी अक्षय और पवन की तरफ से डेथ वारंट पर स्टे लगाने की अपील की थी, जिसे पटियाला हाउस कोर्ट ने खारिज कर दिया. अब निर्भया के दोषियों को मंगलवार सुबह 6 बजे फांसी हो सकती है.
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तीसरी बार जारी हुआ है डेथ वारंट
बता दें कि निर्भया के दोषियों की फांसी की सजा को लेकर तीसरी बार डेथ वारंट जारी किया गया है. इससे पहले दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने दो बार डेथ वारंट जारी किया था, लेकिन कानूनी अड़चनों के कारण दोनों बार इसे कैंसिल कर दिया गया है. अब तीसरे डेथ वारंट के अनुसार, निर्भया के चारों दोषियों को 3 मार्च की सुबह 6 बजे फांसी दी जानी है.
2012 को हुआ था गैंगरेप
उल्लेखनीय है कि दक्षिण दिल्ली में 16 दिसंबर 2012 को एक चलती बस में 23 वर्षीय छात्रा ‘निर्भया’ से सामूहिक दुष्कर्म और उसपर बर्बर हमला हुआ था. निर्भया की 29 दिसंबर को उसी साल सिंगापुर के माउंट एलिजाबेथ अस्पताल में मौत हो गई थी.
इस मामले में मुकेश सिंह, विनय शर्मा, अक्षय कुमार सिंह, पवन गुप्ता, राम सिंह और एक किशोर को दोषी पाया गया था.
बता दें कि राष्ट्रपति मुकेश, विनय और अक्षय की दया याचिका पहले ही अस्वीकार कर चुके हैं. राम सिंह ने जेल में आत्महत्या कर ली थी और किशोर को सजा पूरी करने के बाद रिहा कर दिया गया था.




