
Ranchi : झारखंड विकास मोर्चा के केन्द्रीय महासचिव खालिद खलील ने कहा है कि एक सितंबर से लागू नया मोटर व्हीकल एक्ट 2019 आम जनता के लिए कतई व्यावहारिक नहीं है. नियमों में संशोधन के बाद अब ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने पर 10 गुना से भी अधिक जुर्माना भरना पड़ेगा जो कहीं से भी उचित नहीं ठहराया जा सकता.
इससे एक प्रकार से आम लोगों का मानसिक और आर्थिक शोषण होगा. परिवहन व्यवस्था चुस्त – दुरुस्त हो, नियम पूरी सख्ती से लागू हो, झाविमो इसका घोर हिमायती हैं, परंतु आम लोगों की आर्थिक स्थिति को नजरंदाज नहीं किया जाये.
भारी- भरकम जुर्माना चुकाना उनके लिए असंभव
झाविमो ने कहा कि जहां के अधिकांश लोगों की औसतन मासिक आय ही बमुश्किल 5000- 10000 रुपया है वह इस जुर्माने का भार कैसे सह पायेंगे. लोग तिनका-तिनका जोड़कर और अपनी कई आवश्यक जरूरतों में कटौती कर किसी प्रकार नयी या पुरानी गाड़ी खरीदते हैं, ऐसे में इतना भारी- भरकम जुर्माना चुकाना उनके लिए असंभव है. गलती से महीना में दो- तीन बार कहीं रेड लाईट जंप हो गये तो कर्ज लेकर चुकाना पड़ेगा.
इससे तो आम नागरिकों का सड़क पर गाड़ी निकालना ही दुश्वार हो जायेगा. कहा कि पार्किंग की पर्याप्त व्यवस्था का ठिकाना नहीं है और गलत पार्किंग के जुर्माने में बढ़ोतरी मजाक नहीं तो और क्या है. खालिद खलील ने कहा कि ड्राइविंग लाइसेंस बनाने सहित अन्य प्रक्रिया भी सरल करनी चाहिए. आम लोगों की परेशानी और आर्थिक स्थिति को देखते हुए सरकार को इस मामले में पुनर्विचार करने की जरूरत है.
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