
New Delhi : CAA यानी नागरिकता संशोधन कानून और NRC यानी नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन्स के खिलाफ शुरू हुए विरोध प्रदर्शन पर रोक के लिए जगह-जगह इंटरनेट सेवा को बंद किया गया. खबरों के अनुसार शुक्रवार को भी यूपी के कई जिलों में इंटरनेट पर रोक लगी रही.
आम आदमी को तो इससे परेशानी होती ही है, इंटरनेट कंपनियों को भी इस कारण करोड़ों की हानि उठानी पड़ती है. कहा जा रहा है कि इंटरनेट पर रोक से टेलिकॉम कंपनियों को प्रति घंटे 2.45 करोड़ रुपये की अनुमानित हानि हुई है.
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रॉयटर्स की ओर से जारी एक रिपोर्ट में कहा गया है कि भारतीय प्रति माह औसतन 9.8 गीगाबाइट डेटा का प्रयोग मोबाइल में करते हैं, जो दुनिया में सबसे अधिक है. बता दें कि भारत सोशल मीडिया कंपनी फेसबुक और इसके मैसेंजर वॉट्सऐप के लिए यूजर्स की दृष्टि से सबसे बड़ा बाजार है.
इस नुकसान के मामले में सेल्युलर ऑपरेटर्स असोसिएशन ऑफ इंडिया (COAI) का कहना है कि इंटरनेट पर रोक पहला उपाय नहीं होना चाहिए. बता दें कि मोबाइल सेवा देने वाली भारती एयरटेल, वोडाफोन आइडिया और रिलायंस जियो इसके सदस्य हैं.
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प्रेस से बात करते हुए COAI के डायरेक्टर जनरल रंजन मैथ्यू ने बताया कि पाबंदियों की कीमत को रेखांकित किया गया है. ऑनलाइन एक्टिविटीज बढ़ गयी है. हमारे आकलन के मुताबिक इंटरनेट पाबंदी की कीमत प्रति घंटे करीब 2.45 करोड़ रुपये बैठती है.’
राजस्व का इनता बड़ा नुकसान पहले से दबाव में चल रहे भारतीय टेलिकॉम सेक्टर को परेशानी में डालने वाला है. पहले से जारी प्राइस वॉर के कारण कंपनियों का खजाना खाली हो चुका है. और अब उन्हें सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के बाद बड़ी रकम का भुगतान सरकार को करना है. इससे उनकी चिंता बढ़ी हुई है.
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