Education & CareerJharkhandRanchi

NEET-JEE एग्जाम: मोदी सरकार के दो मंत्रियों के अलग-अलग बयानों पर JMM ने उठाया सवाल, हेमंत ने मांगे सुझाव

  • डॉ हर्षवर्धन ने कहा- ‘हल्के में न ले कोरोना को’, डॉ रमेश पोखरियाल ने कहा था- ‘लाखों बच्चों ने किया है डाउनलोड’

Ranchi : राज्य की सत्तारूढ़ पार्टी झारखंड मुक्ति मोर्चा ने NEET-JEE एग्जाम पर मोदी सरकार के दो मंत्रियों के दिये बयानों पर सवाल खड़ा किया है. बता दें कि केंद्रीय शिक्षा (मानव संसाधन) मंत्री डॉ रमेश पोखरियाल निशंक और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन के बयानों को लेकर सवाल खड़े किये गये हैं.

जेएमएम ने कहा है कि कोरोना मामले में रिकॉर्ड बढ़ोत्तरी देखी गयी है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने शनिवार को कहा था कि कोरोना संक्रमण को हल्के में न लें. दूसरी तरफ शिक्षा मंत्री जी के विचार बिलकुल ही अलग है. ऐसे में यह सवाल बनता है कि संक्रमण काल में लाखों बच्चों की संवेदनाओं और आशाओं के साथ खिलवाड़ करने के पीछे भाजपा का क्या मकसद हैं.

इसे भी पढ़ें – हाइवोल्टेज ड्रामे के बीच BJP सांसद साक्षी महाराज को गिरिडीह प्रशासन ने 24 घंटे के अंदर किया मुक्त

शिक्षा मंत्री ने कहा था कि लाखों बच्चों ने कर लिया है डाउनलोड

डॉ हर्षवर्धन के बयान के पहले ही डॉ रमेश पोखरियाल ने NEET-JEE एग्जाम स्थगित नहीं करने के कारणों का जिक्र किया था. उन्होंने कहा था कि इन एग्जामों को पूर्व में ही दो बार स्थगित किया गया है. ज्यादातर छात्र और उनके पेरेंट्स परीक्षा को आयोजित करने के पक्ष में हैं.

उन्होंने कहा था कि लाखों छात्रों ने JEE-NEET परीक्षा के एडमिट कार्ड डाउनलोड कर लिया है. छात्रों की सुविधा का हर ख्याल रखा गया है. ऐसे में परीक्षा को टाला जाना संभव नहीं है.

परीक्षा के विरोध में नहीं, संक्रमण को देख तिथि बढ़ाने के पक्ष में है विपक्ष

बता दें कि गौरतलब है कि NEET और JEE एंट्रेस परीक्षाओं को स्थगित कराने की मांग को लेकर पूरा विपक्ष पिछले कई दिनों से केंद्र पर हमलावर है. तमाम विपक्षी पार्टियों का कहना है कि वे परीक्षा के विरोध में नहीं है. लेकिन कोरोना संक्रमण के बढ़ते प्रभाव को देख वे चाहते हैं कि छात्रों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को ध्यान में रख परीक्षा को कुछ अवधि तक स्थगित कर दिया जाए.

इसे भी पढ़ें – रांची में 11,207 म्यूटेशन केस पेंडिंग, सबसे अधिक मामले नामकुम अंचल में

हेमंत ने युवाओं से मांगे सुझाव

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा है कि देश में कोरोना संक्रमण के मामलों में प्रतिदिन रिकॉर्ड बढ़ोत्तरी हो रही है. यह संख्या 78 हजार पहुंच चुकी है. ऐसे में इस संक्रमण काल में सितंबर में आयोजित होने वाली JEE, NEET की परीक्षा लाखों बच्चों के स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकता है.

इस बात का ध्यान केंद्रीय शिक्षा मंत्री को रखना चाहिए. मुख्यमंत्री ने छात्रों के स्वास्थ्य के मद्देनजर देश के युवा खासकर चिकित्सक एवं इंजीनियर से आयोजित होने वाले परीक्षा के संदर्भ में सुझाव मांगा है.

इसे भी पढ़ें – मंत्री मिथिलेश ठाकुर ने RIMS में डोनेट किया प्लाज्मा, कहा- जीवन दान देना सबसे बड़ी पूजा

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles

Back to top button