
NewDelhi : एग्जिट पोल्स में एनडीए को पूरा बहुमत मिलने की भविष्यवाणी के बाद विपक्षी खेमे ने ईवीएम पर ठीकरा फोड़ने की तैयारी कर ली है.विपक्षी दलों का सवाल है कि अगर कहीं वीवीपैट काउंट और ईवीएम में दर्ज वोट अलग-अलग आये तो इस सूरत में क्या होगा? नतीजों से पहले ही मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस भी ईवीएम को लेकर सशंकित नजर आ रही है. कांग्रेस नेता राशिद अल्वी ने एक न्यूज चैनल से बातचीत में कहा कि अगर एग्जिट पोल जैसे ही रिजल्ट आते हैं तो इसका साफ मतलब है कि ईवीएम से छेड़छाड़ हुई है.
अल्वी ने तो यहां तक कह दिया कि अगर ऐसा हुआ तो नवंबर 2018 में छत्तीसगढ़, एमपी और राजस्थान विधानसभा में कांग्रेस की जीत भी एक साजिश थी. कांग्रेस नेता ने कहा कि इसका मतलब यही होगा कि हाल में जिन 3 राज्यों में कांग्रेस जीती है, वहां जानबूझकर ईवीएम में छेड़छाड़ नहीं की गयी होगी ताकि ईवीएम पर सवाल न उठें.
आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने तो मिसमैच की सूरत में पूरे चुनाव को रद्द करने की मांग की है. वहीं, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चन्द्रबाबू नायडू ने मतगणना की प्रक्रिया में कई समस्याओं का जिक्र करते हुए चुनाव आयोग से चिंताओं को दूर करने की मांग की है. इसके अलावा विपक्षी दलों ने एग्जिट पोल्स को भी ईवीएम के साथ कथित छेड़छाड़ की ढाल के रूप में बताया है.
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चुनाव आयोग ने शक की गुंजाइश दी है
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री और टीडीपी चीफ चन्द्रबाबू नायडू ने सोमवार को कहा, ‘मतगणना प्रक्रिया में कई समस्याएं हैं. चुनाव आयोग को उन सभी समस्याओं को हल करने के लिए कदम उठाना चाहिए. ईवीएम को लेकर कई तरह की अफवाहे हैं, जिनमें यह भी शामिल है कि प्रिंटर्स के साथ छेड़छाड़ हो सकता है और कंट्रोल पैनल को चेंज किया जा सकता है.चुनाव आयोग ने शक की गुंजाइश दी है.
वीवीपैट – ईवीएम काउंट में मिसमैच
सीपीएम महासचिव सीताराम येचुरी ने सोमवार को ट्वीट कर कहा कि ईवीएम में दर्ज वोट और वीवीपैट पर्चियों के मिलान में मिसमैच की सूरत में क्या होना चाहिए, इसे लेकर ईसी अभी स्पष्ट ही नहीं है. उन्होंने ट्वीट किया, वीवीपैट और ईवीएम में मिलान को लेकर चुनाव आयोग अभी तक प्रक्रिया ही तय नहीं कर पायी है कि अगर मिसमैच हुआ तो क्या होगा! अगर काउंटिंग के दौरान एक मिसमैच भी होता है तब भी चुनाव प्रक्रिया की शुचिता को बनाए रखने के लिए उस असेंबली सेगमेंट के सभी वीवीपैट का मिलान किया जाना चाहिए.
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एग्जिट पोल्स के पीछे साजिश : ममता
रविवार को एग्जिट पोल्स में एक बार फिर मोदी सरकार की भविष्यवाणी के बाद पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एग्जिट पोल्स को यह कहते हुए खारिज किया कि यह एक गेम प्लान के तहत किया जा रहा है. ममता ने ट्वीट किया, मैं एग्जिट पोल के गॉसिप पर भरोसा नहीं करती. गेम प्लान यह है कि इस गॉसिप के जरिए ईवीएम से छेड़छाड़ की जाये या फिर हजारों ईवीएम को बदल दिया जाये. मैं सभी विपक्षी दलों से अपील करती हूं कि एकजुट रहें, मजबूत और हिम्मती रहें. हम इस लड़ाई को साथ मिलकर लड़ेंगे.
एग्जिट पोल्स के पीछे ईवीएम का खेल
ममता बनर्जी के सुर में सुर मिलाते हुए आम आदमी पार्टी ने भी एग्जिट पोल्स को प्रायोजित बताया है. आप के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने कहा है कि अगर कहीं भी वीवीपैट पर्चियों की संख्या और ईवीएम में दर्ज वोट अलग-अलग पाये गये तो चुनाव रद्द कर देना चाहिए. सिंह ने ममता के ट्वीट को रीट्वीट करते हुए लिखा, क्या असली खेल ईवीएम है? क्या पैसे देकर एग्जिट पोल कराया गया? यूपी, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटक, दिल्ली, बंगाल हर जगह बीजेपी ही जीत रही है, ये कौन यकीन करेगा? सभी दल ईसी से मिलकर वीवीपैट – ईवीएम के मिलान में गड़बड़ी पर इलेक्शन रद्द करने की मांग करें.




