
Ranchi : राज्य के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता और सरायकेला- खरसावां जिले के प्रभारी सिविल सर्जन सहित तीन सदस्यीय जांच टीम के खिलाफ की गयी अमर्यादित टिप्पणी मामले में आदित्यपुर- 2 स्थित 111 सेव लाइफ अस्पताल के प्रबंधक डॉ ओपी आनंद ने वीडियो जारी कर माफी मांगी है. उन्होंने माफी उस वक्त मांगी जब झारखंड सहित पूरे देश में पिछले तीन दिनों से डॉ आनंद चर्चा में बने हुए हैं.
डॉक्टर ओपी आनंद के खिलाफ संवैधानिक पद पर बैठे मंत्री एवं जांच पदाधिकारियों के खिलाफ की गयी अमर्यादित टिप्पणी मामले में जिले के एसपी के निर्देश पर आरआइटी थाने में धारा 341, 323, 340, 304, 506, 188, 68/ 21 के तहत मामला दर्ज किया जा चुका है. सभी धाराएं गैर जमानती हैं.
ऐसे में डॉक्टर आनंद ने वीडियो जारी कर अपने बयान पर माफी मांगते हुए मीडिया पर पीत पत्रकारिता करने का आरोप लगाया. साथ ही जांच अधिकारियों पर जबरन परेशान करने का भी आरोप लगाया.
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उन्होंने कहा कि उन्हें अपने बयान पर अफसोस भी है, और दुख भी, लेकिन इस मामले में मीडिया को पूरी बातें लोगों को नहीं दिखानी चाहिए थी. यह पीत पत्रकारिता का हिस्सा है, जबकि खुद डॉक्टर ओपी आनंद ने इस मामले में बयान दिया था और कहा था, कि जाकर स्टेटमेंट लगा दीजियेगा. फिर खुद ही मीडिया पर सवाल उठाने लगे हैं.
वहीं जांच अधिकारियों पर बार-बार कागजात एवं दस्तावेज मांगे जाने को लेकर दबाव बनाने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि घटना के दिन वे आइसीयू में कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों का इलाज कर रहे थे.
उधर जांच टीम छोटे-छोटे कागजात के नाम पर उन्हें अपने ऑफिस में बुला कर परेशान कर रही थी. जिससे झल्ला कर उन्होंने ऐसी टिप्पणी कर डाली.
उन्होंने अपने बयान पर अफसोस जताया और कहा यह मेरी गलती है और उसके लिए मैं क्षमा प्रार्थी हूं. वैसे अब देखने वाली बात यह होगी, कि अब उनके खिलाफ जो जांच और कार्रवाई हो रही थी उसका क्या होगा.
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