Crime NewsJharkhandRanchi

नक्सली तुलसी पाहन का खुलासा – नई तकनीक से दस्ते को कर रहे हैं दक्ष, पुलिस की बढ़ी चुनौती

आईटी विशेषज्ञों से लेते हैं सलाह

Ranchi : नक्सली संगठन अब वारदात को अंजाम देने के लिए आधुनिक तकनीक के प्रति सिद्धहस्त होने की तैयारी में हैं। कैडर को आधुनिक तकनीक का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसकी बानगी हाल के दिनों में देखने को मिली है, नक्सलियों ने इंटरनेट कॉलिंग का इस्तेमाल कर नेताओं व व्यापारियों से रंगदारी मांगी है। पिछले सप्ताह पुलिस ने पांच पीएलएफआई के नक्सलियों को दबोचा है। इनमें से एक एरिया कमांडर तुलसी पाहन ने पुलिस के समक्ष खुलासा करते हुए बताया है कि नक्सली अब पुरानी तकनीक को छोड़ नई तकनीक अपना रहे हैं।

इसके लिए वे बाकायदा आईटी विशेषज्ञों से सलाह ले रहे हैं। यह भी बताया है कि तकनीक के इस्तेमाल की रूपरेखा तैयार हो रही है। इन तकनीकों के इस्तेमाल के बाद झारखंड पुलिस के सामने बड़ी चुनौती खड़ी हो सकती है। आईजी ऑपरेशन साकेत कुमार सिंह बताते हैं कि नक्सलियों को पकड़ने के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है। जंगलों में जवान दिन-रात सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं। पुलिस को सफलता भी हाथ लग रही है। नक्सलियों की ही तकनीक का इस्तेमाल कर उन्हें पकड़ा जा रहा है। वे इंटरनेट का प्रयोग कर रंगदारी मांग रहे है, जिसपर कार्रवाई भी हो रही है।

इसे भी पढ़ें:शिवसेना ने कहा, अध्यादेश लाकर केंद्र सरकार मस्जिदों पर लगे लाउडस्पीकरों पर रोक लगाये

Catalyst IAS
ram janam hospital

इंटरनेट हैकर को भी दस्ते में किया जा रहा है शामिल

The Royal’s
Pushpanjali
Pitambara
Sanjeevani

पुलिस सूत्रों की मानें तो उग्रवादी अपने संगठन में इंटरनेट हैकर को भी रख रहे हैं ताकि वे दूसरे के आईपी एड्रेस का इस्तेमाल कर अपनी गतिविधियों को अंजाम दे सके। साथ ही इससे उनके लोकेशन के बारे में पता नहीं चल पाता है। सुरक्षित स्थानों में रहकर वे बड़े वारदात को अंजाम देने की सोच रहे हैं।

युवाओं को शामिल करने के लिए चल रहा अभियान

विभिन्न नक्सली संगठनों ने अपने दस्ते को मजबूत करने के लिए पढ़े-लिखे युवाओं को दस्ते में शामिल करने के लिए अभियान तक चला रहे हैं। गांवो में पोस्टर लगाकर युवाओं को अपने हक की लड़ाई के लिए संगठन से जुड़ने की अपील की जा रही है। उनसे इसके लिए हर सुविधा व पैसे देने का भी वादा किया जा रहा है,

पकड़े जा चुके हैं 33 से अधिक उग्रवादी

पुलिस उग्रवादियों की धरपकड़ के लिए लगातार अभियान चला रही है। पुलिस मुख्यालय की ओर से सभी जिलों के एसपी को कड़ी निगरानी करने को भी कहा गया है। इस वर्ष अभी (3 दिसंबर) तक 33 से अधिक उग्रवादी पकड़े जा चुके हैं।

इसे भी पढ़ें:गेल इंडिया : ग्रामीण विकास विभाग ने कहा 12 प्रतिशत ब्याज के साथ मुआवजा दें, सिमडेगा डीएओ ने बगैर ब्याज कर दी दर तय

Related Articles

Back to top button