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नक्‍सल प्रभावित सात जिलों के थाने ‘फोकस थाना’ के रूप में चिन्हित

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Ranchi: झारखंड में सात जिलों के कई प्रमुख थानों को फोकस थाना के रूप में चिन्हित किया गया है. फोकस थाना के रूप में जिन जिलों को शामिल किया गया है उनमें लातेहार, गढ़वा, गिरिडीह, गुमला, चाईबासा, सिमडेगा और खूंटी हैं. ये ऐसे जिले हैं जो अति नक्‍सल प्रभावित क्षेत्र के रूप में जाने जाते हैं. इन्‍हें झारखंड के डीजीपी डीके पांडेय के निर्देश के बाद फोकस थाना चुना गया है. यहां नक्‍सलियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई किये जाने की बात कही गई है.

नक्‍सल के साथ अफीम के खिलाफ कठोर कार्रवाई का निर्देश

इस सबंध में शुक्रवार को रांची स्थित झारखंड जगुआर (एसटीएफ) टेंडरग्राम रांची कैंपस में सात जिलों के अपर पुलिस अधीक्षक (अभियान) और संबंधित थानों के थाना प्रभारियों का दो दिवसीय वर्कशॉप आयोजित हुआ. वर्कशॉप का उद्घाटन अपर पुलिस महानिदेशक (अभियान) के द्वारा किया गया. इस दौरान उन्‍होंने नक्‍सलियों के खिलाफ कारगर कार्रवाई करने के लिए कई महत्‍पूर्ण निर्देश दिए. उन्‍होंने कहा कि झारखंड में नक्‍सलियों की संरचना, गतिविधि और उनके विरूद्ध विभिन्‍न माध्‍यम से आने वाली सूचनाओं का संकलन कर सभी नक्‍सलियों के खिलाफ विस्‍तृत जानकारी जुटाते हुए नक्‍सली कांडों की गहन जांच करें. इसी दौरान  नक्‍सलियों के चल व अचल संपत्ति और लेवी से प्राप्‍त धन की जानकारी हासिल कर उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के ऑफिसर्स का सहयोग करें. उन्‍होंने कहा कि नक्‍सलियों के द्वारा ग्रामीणों को डराकर या लालच देकर उनके द्वारा अफीम की खेती कराई जा रही है. इसमें शामिल हर स्‍तर के लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कठोर से कठोर कार्रवाई करें.

इस दो दिवसीय कार्यशाल में फोकस थानों में संबंधित जिलों के पदाधिकारियों के अलावा झारखंड जगुआर (एसटीएफ) के पुलिस उप महानिदेशक साकेत कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक (प्रशासन) अंजनी कुमार झा, पुलिस अधीक्षक (अभियान) हरिलाल चौहान, पुलिस अधीक्षक (प्रशिक्षण) जेके सिंह उपस्थित थे.

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