
Ranchi : रांची शहर के बीचोबीच स्थित नागरमल मोदी सेवा सदन अस्पताल में कई कामियां देखने को मिली हैं. स्वच्छ सर्वेक्षण 2021 की तैयारियों को लेकर मंगलवार को नगर निगम की जांच में कई कमियां उजागर हुईं. करीब एक घंटे तक चले निरीक्षण में टीम ने पाया है कि अस्पताल में बायो मेडिकल वेस्ट का निपटारा सही तरीके से नहीं हो पा रहा है. साथ ही बायोमेडिकल वेस्ट रूल का भी उल्लंघन हो रहा है.
यहां पर अस्पताल प्रबंधन ऑपरेशन के बाद प्लेसेंटा को पीले रंग के प्लास्टिक की जगह बायो मेडिकल वेस्ट के साथ डंप कर रहा था. इतना ही नहीं जांच के क्रम में प्रबंधन के द्वारा बायो मेडिकल वेस्ट से संबंधित प्रमाण पत्र भी उपलब्ध नहीं कराया जा सका. वहीं अस्पताल की कुल क्षमता 200 बेड की बतायी गयी. लेकिन वर्तमान में केवल 110 बेड ही कार्यरत पाये गये. इसके बाद भी निगम की टीम ने मौके पर कोई कार्रवाई नहीं की. केवल सुधार लाने का सुझाव देकर वापस लौट गयी. न जुर्माना लगाया और न कोई नोटिस ही दिया.
पहले रिपोर्ट नगर आयुक्त को सौंपी जायेगी, उसके बाद होगी कार्रवाई
कार्रवाई नहीं किये जाने के सवाल पर निगम के आला अधिकारियों का कहना है कि नगर आयुक्त के निर्देश के आलोक में बायो मेडिकल वेस्ट के निपटारे की प्रक्रिया देखने निगम की टीम गयी थी. इस दौरान अस्पताल में बायो मेडिकल वेस्ट निस्तारण को लेकर कमियां पायी गईं. अब आगे की रिपोर्ट नगर आयुक्त को दी जायेगी. इसके बाद आगे की कार्रवाई होगी.
निरीक्षण के दौरान ये कमियां पायी गयीं
- बायो मेडिकल वेस्ट से संबंधित कचड़े का निष्पादन संबंधी कार्य सुनियोजित तरीके से नहीं किया जा रहा है.
- अस्पताल में बायोमेडिकल वेस्ट का निपटारे के लिए विभिन्न रंगों के डस्टबिन नहीं पाये गये.
- पीले प्लास्टिक के बैग में कागज एवं अन्य मिक्स कचरा पाया गया.
- काले रंग के प्लास्टिक बैग में सिरिंज, पेपर एवं अन्य कचरा पाया गया.
- लाल रंग के प्लास्टिक बैग में पेपर, एक्सपायर्ड मेडिसिन, व्हाई, रैपर्स इत्यादि कचरा पाया गया
- सिरिंज इत्यादि के डिस्पोजल के संबंध में भी स्पष्ट जानकारी नहीं दी गयी.
- जांच में अस्पताल प्रबंधन के द्वारा बायो मेडिकल वेस्ट से संबंधित प्रमाण पत्र भी उपलब्ध नहीं कराया जा सका.
क्या कहा स्वास्थ्य पदाधिकारी किरण कुमारी ने
स्वास्थ्य पदाधिकारी डॉ किरण कुमारी के द्वारा पूछने पर अस्पताल कर्मियों ने बताया कि ऑपरेशन के उपरांत प्लेसेंटा को पीले रंग के प्लास्टिक में डाला जाता है. लेकिन जांच में पाया गया कि प्लेसेंटा को बायो मेडिकल वेस्ट के साथ एवं हरे रंग के बैग में रखा था.




