
- रेल मंत्री को पत्र लिखकर सिल्ली-इलू बाइपास लाइन पर काम शुरू करने का भी किया आग्रह
Ranchi : झारखंड से राज्यसभा सदस्य महेश पोद्दार ने झारखंड के रेलयात्रियों की सुविधा के लिए रेल मंत्री पियूष गोयल के समक्ष कई मांगें रखी हैं. चार अलग– अलग पत्र लिखकर पोद्दार ने रेल मंत्री से रांची से दिल्ली-मुम्बई जानेवाली अधिकाधिक ट्रेनों को रांची-लोहरदगा-टोरी रेल लाइन होकर चलाने, रांची- सिंगरौली और रांची– उधना (सूरत) नयी ट्रेनों का परिचालन शुरू कराने और सिल्ली-इलू बाइपास का निर्माण यथाशीघ्र शुरू कराने का आग्रह किया है.
पोद्दार ने कहा है कि कुछ दिनों पूर्व ही रेल मंत्री ने रांची-लोहरदगा-टोरी रेल लाइन होते हुए रांची-डाल्टेनगंज-गढ़वा के लिए पैसेंजर ट्रेन शुरू करने का आश्वासन दिया है, जिसके लिए पूरे झारखंड से, विशेषतः पलामू प्रमंडल के नागरिकों व नागरिक संगठनों ने आभार व्यक्त किया है.
रेल मंत्री का सकारात्मक रुख देखते हुए उन्होंने रांची या हटिया से नयी दिल्ली या मुम्बई के लिए जानेवाली अधिकाधिक ट्रेनों का परिचालन रांची-लोहरदगा-टोरी होकर शुरू करने का आग्रह किया है. इससे न्यूनतम दो से तीन घंटे के समय की बचत संभव है. साथ ही, परिवहन सुविधाओं का तुलनात्मक तौर पर अभाव झेल रहे झारखंड के लोहरदगा, पलामू, गढ़वा जैसे इलाकों की सुविधा बढ़ेगी. राजस्व की दृष्टि से भी यह रूट रेलवे के लिए लाभदायक होगा.
इसी प्रकार, रांची-सिंगरौली-रांची वाया लोहरदगा, टोरी, रेणुकूट, सलईबनवा, दुदही, ओबराडैम यात्री ट्रेन अत्यंत उपयोगी, तीन राज्यों के बड़े भूभाग के यात्रियों को सुविधा देनेवाली और रेलवे के राजस्व में वृद्धि करनेवाली साबित होगी.
सिंगरौली, शक्ति नगर, बैढन, रेणुकूट आदि औद्योगिक शहर हैं और इन शहरों के आसपास अनेक छोटे-बड़े व्यावसायिक क्षेत्र और कोयले की बड़ी खदाने हैं, जहां झारखण्ड, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश राज्यों के नागरिक बड़ी संख्या में रोजगार व कारोबार के लिए आवागमन करते हैं.
रांची–उधना (सूरत) एक्सप्रेस ट्रेन झारखंड को गुजरात से जोड़ने और दोनों प्रदेशों की सांस्कृतिक, व्यापारिक, पर्यटन आदि जरूरतों के लिहाज से अत्यधिक उपयोगी साबित हो सकती है. यदि इस प्रस्तावित रेलगाड़ी का संचालन सप्ताह में एक दिन भी किया जाये तो झारखंड के रांची, लोहरदगा, गुमला, पलामू के रेल यात्रियों को कटनी, मुड़वारा, संत हिरदाराम नगर (भोपाल), उज्जैन, सूरत, आवागमन में बेहतर सुविधा उपलब्ध होगी.
सिल्ली-इलू नयी बाइपास रेल लाइन के सर्वे को वित्तीय वर्ष 2020-21 के बजट में मंजूरी दी गयी है. इस प्रस्तावित बाइपास रेल लाइन की लम्बाई करीब 10 किलोमीटर है. सिल्ली-इलू बाइपास रेल लाइन का निर्माण होने से रांची से टाटा या हावड़ा जानेवाली ट्रेनों को मूरी नहीं जाना पड़ेगा और इससे न्यूनतम एक घंटे के समय और तदनुसार इंधन की बचत होगी. मूरी स्टेशन पर ट्रैफिक का लोड भी घटेगा.
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