
Ranchi: भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सदस्य दीपक प्रकाश ने राज्य सरकार द्वारा गुरुवार को सदन में पेश बजट को दिशाहीन, दृष्टिहीन और नीतिविहीन बताया. प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि आर्थिक सर्वेक्षण में खुद सरकार ने माना है कि आर्थिक मैनेजमेंट के स्तर पर विफल साबित हुई है. पिछले वित्तीय वर्ष की उपलब्धि उसे फिसड्डी साबित कर रही. अभी सरकार ने जो बजट पेश किया है, उसने राज्य की साढ़े तीन करोड़ जनता को निराश किया है.
यह पुरानी बोतल में नयी शराब वाली बजट है. पिछले बजट में 91 हजार से अधिक का प्रावधान करने वाली सरकार इसमें से 40 फीसदी ही खर्च कर सकी है. इससे पता लगता है कि इस सरकार के पास राज्य को आगे ले जाने का मैकेनिज्म ही नहीं. कॉन्फ्रेंस में प्रदेश महामंत्री आदित्य साहू, कोषाध्यक्ष दीपक बंका भी उपस्थित थे.
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महिला, किसान, युवा विरोधी सरकार
दीपक प्रकाश ने कहा कि गांव, महिला, बच्चे, किसान, युवाओं के हित की झूठी बात करने वाली सरकार इस बार के बजट में कटौती कर रही है. पैसे की उपयोगिता और इसके समुचित व्यय में विफल रही सरकार का यह रवैया बताता है कि संसाधनों की कमी के नाम पर वह केवल घड़ियाली आंसू बताती रहती है. राजस्व में वृद्धि का कोई तरीका यह सरकार नहीं ढूंढ सकी है. केवल ट्रांसफर पोस्टिंग का खेल करती रही है.
शिक्षा, सड़क, बिजली, किसान और ऐसे ही कई विषयों पर पैसे की कटौती हुई है. पिछले साल ट्राइबल यूनिवर्सिटी की घोषणा थी. इसका पता नहीं. पीएम सड़क निर्माण योजना के लिए 2000 किमी का लक्ष्य था. केवल 377 किमी सड़क बनी. इसके जरिये गांवों में रोजगार सृजन भी हो सकता था जो नहीं हुआ. बेरोजगारी भत्ता का पता नहीं. 100 यूनिट तक फ्री बिजली की भी जानकारी नहीं. कुपोषण से मुक्ति के लिये 10 हजार पोषण सखियों को रघुवर सरकार में रखा गया था. सबों को बेरोजगार कर दिया गया. एमएसपी पर किसानों से 8 लाख एमटी तक धान खरीद की बात थी पर महज 4 लाख 36 हजार की ही खरीद हुई, बाकी बिचौलियों के हाथों ही बिके. गोबर खरीदने के वादे सरकार ने किये थे पर पूराने वादों को पूरा करने में दिलचस्पी रही नहीं. पीडीएस सिस्टम पूरी तरह ध्वस्त है.
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वहीं राजमहल विधायक अनंत ओझा ने गुरुवार को विधानसभा में वित्त मंत्री द्वारा पेश किये गये आम बजट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है की राज्य की पेश किए जाने वाली बजट से हमे भी राज्य का नागरिक होने के नाते आशाएं थी मगर ये बजट वास्तव में निराश किया. बजट का आकार तो बड़ा कर दिया गया हैं. बजट में घोषणाओं को सुनकर बहुत अच्छा लगता है, पर काम कहीं नहीं दिखता. बजट में कुछ नया नहीं है. कृषि के क्षेत्र में उपेक्षा की गयी,कृषि लोन माफ करने के लिए बजट में कोई नया प्रावधान नहीं है.
युवाओं के रोजगार के लिए बजट में कोई प्रवधान नहीं किया गया हैं, नौजवानों को रोजगार नहीं तो भत्ता देने का वादा किया गया था. लेकिन अभी तक नहीं दिया गया है. गरीबों को तीन लाख घर देने का वादा बजट में कहीं नहीं दिख रहा है. बजट ने गांव,गरीब किसान,मजदूर,नोजवान सभी को निराश किया हैं. बजट में आधारभूत सरंचना के लिए सरकार की दृष्टि नहीं दिखाई दे रही हैं राज्य में आधारभूत सरंचना के विकास की गति इस बजट से नहीं होते दिख रहा है.
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