JharkhandMain SliderRanchi

#MomemtumJharkhand एक #SCAM कैसे? जानिए

Akshay Kumar Jha

Ranchi: झारखंड में लाखों करोड़ का निवेश होगा… लाखों बेरोजगारों को रोजगार मिलेगा… राज्य की आर्थिक स्थिति सुधरेगी… भुखमरी खत्म होगी… यहां की जनता खुशहाली के गीत गायेगी… विकास की गंगा बहेगी… ये होगा… वो होगा… इन्हीं सपनों को साकार करने के नाम पर झारखंड सरकार ने मोमेंटम झारखंड का आयोजन किया था.

लेकिन मोमेंटम झारखंड सिर्फ और सिर्फ लोगों के लिए एक घोटाले की सौगात बनकर रह गया. आखिर क्यों करोड़ों खर्च करने के बाद इतना बड़ा आयोजन फेल हो गया.

वो कौन सी बाते हैं जिसकी वजह से पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास, तत्कालीन मुख्य सचिव राजबाला वर्मा, तत्कालीन उद्य़ोग सचिव सुनील बर्णवाल, तत्कालीन उद्योग निदेशक के रवि कुमार पर उंगलियां उठ रही हैं.

इन सब बातों की पड़ताल न्यूज विंग ने ही सबसे पहले शुरू की थी और बताया था कि मोमेंटम झारखंड एक स्कैम के सिवा कुछ नहीं है.

इसे भी पढ़ें : #BJP सरकार थी तो सफाईकर्मियों की वेतनवृद्धि का समर्थन नहीं करते थे डिप्टी मेयर, अब ला रहे प्रस्ताव

एक माह पुरानी, एक लाख की कंपनी से सरकार ने किया 1500 करोड़ का करार

Orient Craft Fashion Park One LLP कंपनी की बनने की तारीख यानी Date of Incorporation तीन फरवरी 2017 है. कंपनी झारखंड सरकार के साथ झारखंड में इंडस्ट्रीयल पार्क बनाने के लिए 1500 करोड़ का करार 14 मार्च 2017 को करती है.

यानी कंपनी की उम्र करार के दिन सिर्फ 39 दिन की थी. यह शायद पहली ऐसी कंपनी हो जो इतने कम उम्र में इतना बड़ा करार किसी सरकार से कर पायी हो.

कंपनी ने सरकार से रेडीमेड कपड़ा बनाने वाली कंपनियों को सही जगह और माहौल देने का करार किया है.

कंपनी को दो प्राइवेट इंडस्ट्रीयल पार्क बनाने हैं. एक के लिए खेलगांव में 28 एकड़ जमीन और दूसरे पार्क के लिए इरबा में 113 एकड़ जमीन सरकार देगी.

Orient Craft Fashion Park One LLP कंपनी इस जमीन पर 1500 करोड़ की लागत से इंडस्ट्रीयल पार्क बनाकर वैसी कंपनियों को देगी, जो रेडीमेड कपड़ा बनाने का काम करती हों.

इस 1500 करोड़ रुपये में कंपनी 100 करोड़ पार्क को डेवलप करने में खर्च करेगी. कंपनी का दावा है कि झारखंड में यह 50,000 लोगों को रोजगार देगी.

तीन कंपनियों की कुल पूंजी तीन लाख, एमओयू 2800 करोड़ का

सरकार ने 210 कंपनियों के साथ एमओयू किया है. 310753.12 करोड़ का निवेश और 2,11,226 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार देने का दावा किया जा रहा है.

सरकार ने तीन ऐसी कंपनियों के साथ 2800 करोड़ रुपये का एमओयू किया, जिन कंपनियों की कुल पूंजी महज तीन लाख रुपये थी. कंपनी की उम्र महज 39 दिन से 10 माह तक थी.

इन कंपनियों में Offorbys Conglomerate LLP, PJP Cinemas LLP और Orient Craft Fashion Park One LLP हैं.

पहली- Offorbys Conglomerate LLP का Dept. of Tourism, Arts, Culture, Sports & Youth Affairs Department के साथ एमओयू हुआ है.

कंपनी प्रदेश में Cinema Halls, Family, Entertainment, Centres, Malls, Amusement Park, Gaming Zones और Resorts बनायेगी. इस काम के लिए कंपनी ने सरकार के साथ 400 करोड़ का एमओयू किया है.

कंपनी की Authorised Capital (अधिकृत पूंजी) सिर्फ एक लाख रुपये है. कंपनी ने जब सरकार के साथ ये करार किया तो उसका तजुर्बा सिर्फ 9 महीने का था. लेकिन, कंपनी दावा करती है कि वो 2300 लोगों को रोजगार देगी.

दूसरी-  PJP Cinemas LLP का Dept. of Urban Development & Housing के साथ एमओयू हुआ है. कंपनी प्रदेश में Family Entertainment Centres खोलने का काम करेगी.

इस काम के लिए कंपनी ने सरकार के साथ 899 करोड़ का एमओयू किया है. जबकि कंपनी की Authorised Capital (अधिकृत पूंजी) सिर्फ एक लाख रुपये है.

कंपनी ने जब सरकार के साथ ये करार किया तो उसका तजुर्बा सिर्फ 10 महीने का था. लेकिन कंपनी का दावा है कि वो 5000 लोगों को प्रत्यक्ष रूप से रोजगार देगी.

तीसरी- Orient Craft Fashion Park One LLP का Dept. of Industries के साथ एमओयू हुआ है. कंपनी प्रदेश में इंडस्ट्रीयल पार्क लगाने का काम करेगी. कंपनी अपने पार्क में ऐसे उद्योग को बढ़ावा देगी, जो रेडिमेड कपड़ों को बनाने का काम करती है.

इस काम के लिए सरकार के साथ कंपनी ने 1500 करोड़ का करार किया है. जबकि कंपनी की Authorised Capital (अधिकृत पूंजी) सिर्फ एक लाख रुपये है.

कंपनी ने जब सरकार के साथ ये करार किया तो उसका तजुर्बा सिर्फ 39 दिनों का था. कंपनी का दावा है कि वो 50,000 लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार देने का काम करेगी.

इसे भी पढ़ें : #TerrorFunding मामले में NIA ने रांची के कोल ट्रांसपोर्टर सुदेश केडिया समेत दो को किया गिरफ्तार

LLP कंपनियों के साथ होने वाले नुकसान को भी जान लें

LLP का फुल फॉर्म Limited Liability Partnership  है. मतलब ऐसी कंपनी का सरकार या किसी बड़े फर्म के साथ एमओयू होने के बाद अगर किसी भी कारण से करार पूरा नहीं हो पाता है, तो कंपनी करार करने वाले एजेंसी या सरकार को सिर्फ उतनी ही रकम लौटायेगी, जितनी उसकी अधिकृत पूंजी है.

इस लिहाज से 400 करोड़, 899 करोड़ और 1500 करोड़ का एमओयू करने वाली कंपनी अगर काम पूरा नहीं कर पाती है तो वो सिर्फ एक लाख रुपये लौटाने की जिम्मेदार होगी जो कि उसकी अधिकृत पूंजी है.

इन कंपनियों के साथ भी हुआ घाटे का सौदा

कंपनी का नाम- Chargetech Energy LLP

किस विभाग से एमओयू हुआ- Dept. of Industry, Mines & Geology

कितने का एमओयू हुआ- 3.5 करोड़

कंपनी की अधिकृत पूंजी- एक लाख रुपये

करार के वक्त कंपनी की उम्र- 5 महीने

***********************

कंपनी का नाम- Dhara Holiday LLP

किस विभाग से एमओयू हुआ- Dept. of Tourism, Arts, Culture, Sports & Youth Affairs

कितने का एमओयू हुआ- 50 करोड़

कंपनी की अधिकृत पूंजी- एक करोड़

करार के वक्त कंपनी की उम्र- 10 महीने

6400 करोड़ का एमओयू ऐसी कंपनी के साथ, जिसका कहीं नामोनिशान नहीं

सरकार के Dept. of Industry, Mines & Geology ने एक कंपनी SIBICS Housing P. Ltd से EPS pannel Single, Double, Multi-layer PCB बनाने के लिए 6400 करोड़ का करार किया है.

लेकिन गौर करने वाली बात ये है कि ये कंपनी ना तो मिनिस्ट्री ऑफ कॉरपोरेट अफेयर्स में रजिस्टर है और ना ही ये कंपनी दूसरा कोई काम कर रही है. या पहले किसी काम को कहीं पूरा कर चुकी है.

इस कंपनी का अपना ना कोई वेबसाइट मिलता है और ना ही कोई एड्रेस.

इसे भी पढ़ें : बिना प्रोफेसर के चल रहे हैं डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी विवि के 28 विभाग

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles

Back to top button