
Ranchi: प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत देश के अलग-अलग प्रदेशों में किफायती आवासों के निर्माण का काम चल रहा है. इसमें नवीनतम तकनीक का उपयोग, थर्मल कम्फर्ट को शामिल करने और जलवायु परिवर्तन को कम करने को केंद्रीय आवासन व शहरी कार्य मंत्रालय (MoHUA), भारत सरकार, नगरीय प्रशासन निदेशालय, झारखण्ड सरकार व GIZ के संयुक्त तत्वावधान में आज रचना नामक एकदिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रारंभ किया गया. इसकी शुरुआत रांची से हुई है. इ
सके तहत आज ‘Innovative Construction Technologies & Thermal Comfort for Affortable Housing’ विषय पर रांची स्मार्ट सिटी ऑडिटोरिएम, जुपमी बिल्डिंग में राष्ट्रीय स्तर का प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में ऑफलाइन एवं ऑनलाइन सैकड़ों हितग्राहियों ने हिस्सा लिया. आने वाले दिनों में देशभर में इस तरह के 75 प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा.
कार्यक्रम में नगरीय प्रशासन निदेशालय के निदेशक राजेश कुमार पाठक (भा. प्रा. से.), सहायक निदेशक, नगर प्रशासन निदेशालय (डीएमए) शैलेश प्रियदर्शी, नगर विकास एवं आवास विभाग के मुख्य टाउन प्लानर गजानंद राम एवं हुडको के क्षेत्रीय प्रमुख अजित कुमार सहित अन्य ने भी भागीदारी की.
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आवास निर्माण की नयी खूबियों पर चर्चा
ट्रेनिंग प्रोग्राम में देश में जलवायु-स्मार्ट बिल्डिंग बनाने के लिए उपलब्ध थर्मल कम्फर्ट से सम्बंधित विभिन्न पहलुओं, भौतिक प्रभाव, कम लागत वाले समाधानों पर चर्चा रही. इसका उद्देश्य किफायती आवास क्षेत्र में हितधारकों को थर्मल कम्फर्ट की आवश्यकता से अवगत कराना एवं आगामी परियोजनाओं में कम लागत वाली रणनीतियों पर चर्चा करना शामिल था.
कार्यक्रम में BMTPC के डिप्टी चीफ सीएन झा ने रांची में निर्माणाधीन लाइट हाउस प्रोजेक्ट की तकनिकी विशेषताओं, Precast Concrete Construction System – 3D Volumetric के बारे में विस्तारपूर्वक बताया. साथ ही उन्होंने भविष्य में बढ़ती शहरी जनसंख्या को देखते हुए इस तरह की परियोजनाओं के व्यापक कार्यान्वन पर जोर दिया.
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जीआईजेड के प्रोग्राम हेड एस विकास रंजन ने देश में क्लाइमेट स्मार्ट बिल्डिंग्स (सीएसबी) और इसके अनुप्रयोगों के महत्व पर प्रकाश डाला. बताया कि यह नए तकनीक का उपयोग करने का लक्ष्य एक सही कदम है. साथ ही कहा कि इन घरों का निर्माण और संचालन अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग करके किया जाएगा और अपनाया जाएगा.
कार्यक्रम में किफ़ायती आवासों के निर्माण और संचालन में अत्याधुनिक तकनीक के उपयोग से कार्बन उत्सर्जन को कम करना एवं निर्मित आवासों में दैनिक जीवन के आयामों को थर्मल कम्फर्ट को बढ़ावा देने से सम्बंधित विभिन पहलुओं पर ब्यूरो ऑफ एनर्जी एफिशिएंसी के मास्टर ट्रेनर सैबाल साहा एवं कुमार विप्लव ने भी विस्तारपूर्वक प्रस्तुति दी.
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