
NewDelhi : पीएम मोदी ने गुरुवार को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर लाये गये धन्यवाद प्रस्ताव पर लोकसभा को संबोधित किया. विपक्ष के हंगामे के बीच पीएम मोदी ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि लोगों ने सिर्फ एक सरकार बदली है, केवल ऐसा नहीं है, बल्कि सरोकार भी बदलने की अपेक्षा की है.
तो राम जन्मभूमि आज भी विवादों में रहती
कहा कि हम भी आप लोगों के रास्ते पर चलते, तो शायद 70 साल के बाद भी इस देश से Article 370 नहीं हटता. आपके ही तौर-तरीके से चलते, तो मुस्लिम महिलाओं को तीन तलाक की तलवार आज भी डराती. आपकी ही सोच के साथ चलते, तो राम जन्मभूमि आज भी विवादों में रहती. करतारपुर साहिब कॉरिडोर कभी नहीं बन पाता. भारत-बांग्लादेश विवाद कभी नहीं सुलझता.

लीक पर वे चलें, जिनके चरण दुर्बल और हारे हैं…
पीएम मोदी ने कहा कि एक स्वर यह उठा है कि सरकार को सारे कामों की जल्दी क्यों है? हम सारे काम एक साथ क्यों कर रहे हैं? पीएम ने कहा कि सर्वेश्वर दयाल सक्सेना ने अपनी कविता में लिखा है कि लीक पर वे चलें, जिनके चरण दुर्बल और हारे हैं, हमें तो जो हमारी यात्रा से बने, ऐसे अनिर्मित पथ ही प्यारे हैं.
राहुल गांधी के डंडे मारने वाले बयान पर उन्होंने कहा कि वह खुद को इसके लिए मजबूत करेंगे. काम कठिन है तो तैयारी के लिए समय तो लगता है. छह महीने में सूर्य नमस्कार की संख्या बढ़ा दूंगा. 20 साल से गालियां सुन रहा हूं. खुद को गाली प्रूफ बना दूंगा. छह महीना एक्सरसाइज़ बढ़ाने का समय मिलेगा तो अपने आप को इतना प्रबल कर लूंगा. इसके बाद सदन में शोरगुल शुरू हो गया.

इसे भी पढ़ें : #NirbhayaCase: दोषियों को अलग-अलग फांसी देने की केंद्र की याचिका पर SC में शुक्रवार को सुनवाई
देश के युवा छह महीने बाद पीएम मोदी को डंडे मारेंगे
राहुल गांधी ने कुछ बोलने की कोशिश की. साथ ही वो पीएम की तरफ इशारा कर कुछ सफाई देने की कोशिश कर रहे थे. तभी नरेंद्र मोदी ने तपाक से कहा, माननीय अध्यक्ष जी मैं 30-40 मिनट से बोल रहा था लेकिन करंट वहां पहुंचते -पहुंचते इतनी देर लगी.
इनका ऐसा ही होता है. जान लें कि राहुल गांधी ने बुधवार को एक चुनावी रैली में कहा था कि देश के युवा छह महीने बाद पीएम मोदी को डंडे मारेंगे. इसी पर मोदी ने कहा कि मैंने भी तय कर लिया है कि सूर्य नमस्कार की संख्या बढ़ा दूंगा ताकि मेरी पीठ इतनी मजबूत हो जाए ताकि वह इस तरह के डंडों की मार को सह सके.
इसे भी पढ़ें :#CAA_Protest: आजमगढ़ में 35 नामजद और 100 अज्ञात लोगों के खिलाफ राजद्रोह का मामला दर्ज, 20 गिरफ्तार
आपके लिए गांधी ट्रेलर हैं, हमारे लिए तो जिंदगी हैं
जान लें कि नरेंद्र मोदी के संबोधन की शुरुआत ही ठहाकों और हंगामों से हुई. प्रधानमंत्री महात्मा गांधी का जिक्र कर रहे थे. विपक्ष के कुछ सदस्यों ने टीका टिप्पणी की. इस पर पीएम मोदी ने कहा, हां आपके लिए गांधी ट्रेलर हैं, हमारे लिए तो जिंदगी हैं. CAA के मुद्दे पर पीएम मोदी ने कहा कि जिस तरह से बयान दिये गये हैं, सही नहीं हैं.
विपक्ष ने शाहीन बाग का मुद्दा उठा दिया. कहा कि पं बंगाल के पीड़ित लोग यहां बैठे हैं. अगर यहां कच्चा-चिट्ठा खोल दिया जायेगा तो तकलीफ होगी. कुछ लोग कह रहे हैं कि CAA लाने की इतनी जल्दी क्या है.

कांग्रेस की नजर में मुस्लिम सिर्फ मुस्लिम हैं
पीएम मोदी ने कहा कि देश के टुकड़े करने की बात की जा रही है. काल्पनिक भय पैदा करने की पूरी कोशिश की जा रही है. देश के टुकड़े-2 करने वालों के बगल में खड़े होकर फोटो खिंचवाते हैं. पाकिस्तान ने भारतीय मुसलमानों को भड़काने में कोई कसर नहीं छोड़ी.
कांग्रेस की नजर में मुस्लिम सिर्फ मुस्लिम हैं जबकि सरकार की नजर में हर मुस्लिम भारतीय है. देश ने देख लिया है कि दल के लिए कौन है और देश के लिए कौन है. पीएम बनने की इच्छा किसी की भी हो सकती है लेकिन हिंदुस्तान पर लकीर खींच कर देश का बंटावारा कर दिया गया.
11 करोड़ लोगों के घरों में शौचालय न बनते
पीएम मोदी ने कहा, हमने जिस तेज गति से काम किया है, उसका परिणाम है कि देश की जनता ने इसे देखा और देखने के बाद, उसी तेज गति से आगे बढ़ने के लिए हमें फिर से सेवा का मौका दिया. अगर ये तेज गति न होती तो 37 करोड़ लोगों के बैंक अकाउंट इतनी जल्दी नहीं खुलते. 11 करोड़ लोगों के घरों में शौचालय न बनते. 13 करोड़ गरीब लोगों के घर में गैस का चूल्हा नहीं पहुंचता. 2 करोड़ नये घर गरीबों के लिए नहीं बनते.
लंबे समय से अटकी दिल्ली की 1,700 कॉलोनियों को नियमित करने का काम पूरा न होता. नॉर्थ ईस्ट में पिछले 5 वर्ष में जो दिल्ली उन्हें दूर लगती थी, आज वही दिल्ली उनके दरवाजे पर जाकर खड़ी हो गयी है. चाहे बिजली की बात हो, रेल की बात हो, हवाई अड्डे की बात हो, मोबाइल कनेक्टिविटी की बात हो, ये सब करने का हमने प्रयास किया है.
नयी सुबह भी आयी है, नया सवेरा भी आया है
पीएम ने बोड़ो जनजाति की चर्चा में कहा कि ये कोई पहली बार नहीं हुआ. हम भी कहते हैं कि ये पहली बार नहीं हुआ. लेकिन पहले जो कुछ भी हुआ, राजनीति के तराजू से तौलकर किया. पहले समझौते तो हुए, फोटो भी छप गयी, लेकिन कागज पर किये समझौते से बोड़ो जनजाति के लोगों का भला नहीं हुआ.
इस बार के बोडो समझौते में सभी हथियार वाले ग्रुप साथ आये हैं. सबसे महत्वपूर्ण बात इसके एग्रीमेंट में लिखा है कि इसके बाद बोडो की कोई मांग बाकी नहीं रही है. आज नयी सुबह भी आयी है, नया सवेरा भी आया है, नया उजाला भी आया है.
50 साल बाद भी शत्रु संपत्ति कानून का इंतजार देश को करते रहना पड़ता. 35 साल बाद भी नेक्स्ट जनरेशन लड़ाकू विमान का इंतजार देश को करते रहना पड़ता. 28 साल बाद भी बेनामी संपत्ति कानून लागू नहीं हो पाता. 20 साल बाद भी चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ की नियुक्ति नहीं हो पाती.
इसे भी पढ़ें : शाहीन बाग सिर्फ आंदोलन नहीं रह गया, यहां सूसाइड बॉम्बर का जत्था बनाया जा रहा : गिरिराज सिंह




