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14 सीटों के लिए मोदी को करना पड़ा एक रोड शो और चार जनसभाएं, क्या झारखंड BJP को खुद पर नहीं था भरोसा

Ranchi : भारत के प्रधानमंत्री और बीजेपी के सबसे बड़े फायर ब्रांड कहे जाने वाले स्टार प्रचारक नरेंद्र मोदी को झारखंड में पूरी ताकत झोंकनी पड़ी. चार बड़ी जनसभा और एक रोड शो करना पड़ा. सवाल है कि क्या झारखंड बीजेपी को अपने ऊपर यह भरोसा नहीं था कि वो जीत का परचम अपने दम पर लहरा सके.

जिस तरीके से मोदी ने खुद ताकत झोंकी उससे तो यही लगता है कि झारखंड बीजेपी को सच में अपने ऊपर भरोसा नहीं था. झारखंड में सिर्फ 14 लोकसभा सीट है. बिहार में 40. इस हिसाब से झारखंड में जितना दौरा पीएम मोदी का लगा उससे कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं.

पिछले चुनाव में बीजेपी को 14 में से 12 सीटों पर जीत मिली थी. 12 सीट पर जीतने के बाद जिस तरह का आत्मविश्वास बीजेपी में होना चाहिए था, इस बार उस आत्मविश्वास की घनघोर कमी दिखी. सामान्य से लेकर आदिवासी इलाकों तक मोदी को ही अपना चेहरा दिखाना पड़ा. चुनाव प्रचार के दौरान रघुवर दास ने भले ही अपनी पूरी ताकत झोंक दी हो, लेकिन राजनीतिक पंडितों का कहना है कि इससे नतीजों पर असर पड़े जरूरी नहीं है.

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जाने कहां-कहां आए मोदी और कहां की सभाएं

प्रधानमंत्री के रूप में उन्होंने राज्य की 14 लोकसभा सीटों पर कब्जे के लिए चार चुनावी सभाएं और एक रोड शो भी किया. पहले चरण और अंतिम चरण के लिए जहां उन्होंने तीन-तीन सीटों के लिए चुनावी सभाएं की, वहीं तीसरे चरण के लिए तो वह दो सीटों के लिए भी आये.

अंतिम चरण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देवघर में अपनी चुनावी सभा के माध्यम से संतालपरगना की तीन सीटों- गोड्डा, दुमका और राजमहल के पार्टी प्रत्याशियों के पक्ष में माहौल बनाने का काम किया. झारखंड की हर उस क्षेत्र में चुनावी सभाएं की जहां पार्टी प्रत्याशी कमजोर दिख रहे थे.

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हर चरण में झोंकी ताकत

पहले चरण में राज्य की तीन सीटों पर चुनाव था. लोहरदगा, पलामू और चतरा. 29 अप्रैल को होनेवाले मतदान से पूर्व उन्होंने 24 अप्रैल को लोहरदगा में चुनावी सभा को संबोधित किया. इसके बाद उन्होंने फिर दूसरे चरण के लिए होनेवाली चार सीटों के चुनाव के केंद्र में रख कर 29 अप्रैल को कोडरमा संसदीय क्षेत्र के जमुआ में चुनावी सभा की.

यहां से उन्होंने कोडरमा और गिरिडीह, दोनों संसदीय क्षेत्र को कवर करने की कोशिश की. फिर तीसरे चरण में भी वह पीछे नहीं रहे. 12 मई को तीसरे चरण का चुनाव था. छह मई को चाईबासा आकर फिर उन्होंने चुनावी सभा की. छह मई को ही बगल की सीट खूंटी में मतदान था. अंतिम चरण में मोदी फिर संताल परगना आये. रांची आकर यहां भी माहौल अनुकूल बनाने का उन्होंने कोशिश की. रोड शो के माध्यम से ही 23 अप्रैल को मतदाताओं का उत्साह बढ़ाया.

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