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मोदी जी, लड़ाई खत्म हो चुकी है. आपके कर्म आपका इंतजार कर रहे हैं : राहुल

NewDelhi : कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने अपने पिता राजीव गांधी पर प्रधानमंत्री मोदी द्वारा दिये गये बयान पर निशाना साध है. बता दें कि यूपी की एक रैली में कथित बोफोर्स घोटाले का जिक्र करते हुए पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी का नाम लिये बिना पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा था, देश आपके पिता को बेशक मिस्टर क्लीन के नाम से जानता है, लेकिन मिस्टर क्लीन का जीवनकाल भ्रष्टाचारी नंबर एक के रूप में खत्म हुआ था.

मोदी के इस बयान पर राहुल ने कहा कि मोदी जी, लड़ाई खत्म हो चुकी है. आपके कर्म आपका इंतजार कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि लड़ाई में मेरे पिता को खींचने पर भी आप बच नहीं पायेंगे. राहुल ने लिखा है कि आपको मेरी ओर से ढेर सारा प्यार और झप्पी. पीएम के बयान पर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने भी टिप्पणी की.

उन्होंने ट्विटर पर लिखा, शहीदों के नाम पर वोट मांगकर उनकी शहादत को अपमानित करने वाले प्रधानमंत्री ने कल अपनी बेलगाम सनक में एक नेक और पाक इंसान की शहादत का निरादर किया. जवाब अमेठी की जनता देगी, जिनके लिए राजीव गांधी ने अपनी जान दी.

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मोदीजी, यह देश धोखेबाजी को कभी माफ नहीं करता

हां मोदीजी, यह देश धोखेबाजी को कभी माफ नहीं करता. बता दें पीएम मोदी ने शनिवार को यूपी के प्रतापगढ़ में रैली  में कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने एक इंटरव्यू में माना है कि वह मोदी से तब तक नहीं जीत सकते, जब तक मोदी की मेहनत, ईमानदारी और भारत भक्ति पर दाग नहीं लगाते.  पूर्व वित्‍त मंत्री और कांग्रेस के सीनियर नेता पी चिदंबरम ने भी राजीव गांधी पर पीएम मोदी के दिये गये बयान को लेकर कड़ी आपत्ति जताई है.

उन्होंने लिखा, मोदी ने 1991 में मारे गये एक व्यक्ति (राजीव गांधी) को बदनाम कर औचित्य और शालीनता की सभी हदें पार कर दी हैं. क्या मोदी जी कुछ भी पढ़ते हैं? क्या वो जानते है कि श्राजीव गांधी के खिलाफ लगे आरोप को दिल्ली उच्च न्यायालय ने पूरी तरह से निराधार? करार दिया गया था.

1980 में राजीव गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस सरकार में कथित बोफोर्स घोटाला हुआ था. मोदी ने कहा, मैं किसी अखबार में पढ़ रहा था कि कांग्रेस की सरकार के वक्त राहुल के कारोबारी साझीदार को कैसे रक्षा सौदों में शामिल किया गया था. मीडिया में आयी रिपोर्ट बहुत से सवाल खड़े कर रही है. जब सवाल उठता है तो वे लोग जांच कराने की बात करते हैं, मगर तमाम नोटिस के बावजूद वो जांच टीम में पेश नहीं होते. ऐसे मामलों में एक नागरिक के कर्तव्य के रूप में यह परिवार कोई सहयोग नहीं करता है.

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