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#BharatPetroleum में अपनी हिस्सेदारी बेचेगी मोदी सरकार, मुकेश अंबानी लगा सकते हैं बोली

New Delhi: भारत पेट्रोलियम में मोदी सरकार अपनी हिस्सेदारी बेचने को तैयार है. जिसे मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) खरीद सकती है.

गौरतलब है कि भारत पेट्रोलियम सरकारी तेल मार्केटिंग कंपनी है. इस बात का जिक्र जापानी स्टॉकब्रोक नोमुरा रिसर्च ने अपनी रिपोर्ट में की है.

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53.29 प्रतिशत बेचने की सिफारिश

रिलायंस इंडस्ट्रीज ही नहीं तेल कंपनी इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन ने भी भारत पेट्रोलियम में मोदी सरकार की हिस्सेदारी खरीदने में रुचि दिखायी है.

उल्लेखनीय है कि कुछ दिनों पहले ही विनिवेश मामलों के कोर ग्रुप ने रणनीतिक निवेश के तहत भारत पेट्रोलियम (बीपीसीएल) में सरकार की पूरी 53.29 प्रतिशत बेचने की सिफारिश की थी.

नोमुरा का कहना है कि हिस्सेदारी बेचने की सिफारिश के बाद से बीपीसीएल के निजीकरण की संभावना बढ़ गयी है. और इस मामले में कैबिनेट की मंजूरी सिर्फ औपचारिकता भर की ही रह गयी है.़

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रिलायंस को हासिल हो सकता है 25 प्रतिशत मार्केट शेयर

नोमुरा का कहना है कि भले ही रिलायंस रिफाइनिंग/केमिकल में अपनी हिस्सेदारी कम कर अपने कर्ज को खत्म करना चाहती हो लेकिन फिर भी वह भारत पेट्रोलियम (बीपीसीएल) में अपनी बोली लगा सकती है. अगर रिलायंस बीपीसीएल में हिस्सेदारी खरीद लेता है तो उसे 25 प्रतिशत मार्केट शेयर हासिल हो जायेगा.

इसे खरीदने के बाद रिलायंस को 3.4 करोड़ टन की अतिरिक्त रिफाइनिंग क्षमता और सार्वजनिक कंपनी की संपत्ति पर अधिकार मिलेगा. साथ ही रिलायंस को करीब 5000 पेट्रोल पंप के जरिये बिजनेस बढ़ाने में भी मदद मिलेगी.

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750 से 850 रुपये प्रति शेयर हो सकती है है कीमत

फिलहाल इस बात का खुलासा रिलायंस की ओर से नहीं किया गया है और ना ही इस बारे में कोई प्रतिक्रिया दी गयी है.

वहीं नोमुरा के मुताबिक अगर मोदी सरकार भारत पेट्रोलियम में अपनी हिस्सेदारी बेचती है तो उसकी कीमत लगभग 750 से 850 रुपये प्रति शेयर हो सकती है.

अगर कोई भी इसे खरीदने के लिए बोली नहीं लगाता है तो फिर सरकार की ओर से इंडियन ऑयल को इसे खरीदने के लिए कहा जा सकता है.

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