
Kolkata : केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआइ) को केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार का एक ‘‘सहयोगी’’ करार देते हुए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि केंद्र देश भर में विपक्षी पार्टियों को परेशान करने के लिए जांच एजेंसी का इस्तेमाल कर रहा है.
ममता ने सीबीआइ को ‘‘हेडलेस’’ (प्रमुखविहीन) करार देते हुए कहा कि अब यह ‘‘रीढ़विहीन भाजपा’’ बन गयी है. गौरतलब है कि सीबीआइ में अभी कोई पूर्णकालिक निदेशक नहीं है. उन्होंने कहा, ‘‘तो राजनीतिक बदला जारी है. भाजपा और उसके सहयोगी, जिसमें कई सरकारी एजेंसियां भी शामिल हैं, कोलकता और दिल्ली एवं इससे आगे तक विपक्ष के सभी सहयोगियों को परेशान कर रहे हैं.’’
ममता ने पूछा कि क्या भाजपा ‘‘डरी हुई’’ है और ‘‘हताशा’’ में एजेंसियों का इस्तेमाल कर रही है?उन्होंने कहा, ‘‘अखिलेश यादव से लेकर बहन मायावती जी तक, किसी को नहीं छोड़ा. उत्तर से दक्षिण तक. पूरब से पश्चिम तक। भाजपा द्वारा राजनीतिक बदला लिया जा रहा है. क्या वे डरे हुए हैं? एक प्रमुखविहीन एजेंसी अब रीढ़विहीन भाजपा बन चुकी है.’’
सीबीआइ ने शुक्रवार को 2009 में जमीन आवंटन में हुई कथित अनियमितता को लेकर हरियाणा के मुख्यमंत्री भुपिंदर सिंह हुड्डा एवं अन्य के खिलाफ नया केस दर्ज किया और दिल्ली-एनसीआर में 20 जगहों पर छापे मारे. सूत्रों ने बताया कि सीबीआई ने गुरूवार को जानेमाने बंगाली फिल्म निर्माता श्रीकांत मोहता को रोज वैली चिटफंड घोटाले के सिलसिले में गिरफ्तार किया.
मोहता को पश्चिम बंगाल में सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस का करीबी माना जाता है. उन पर आरोप है कि उन्होंने रोज वैली को कथित तौर पर 25 करोड़ रुपए का चूना लगाया. सीबीआई में अभी कोई पूर्णकालिक निदेशक नहीं है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली चयन समिति ने कल नए सीबीआइ निदेशक की नियुक्ति के लिए बैठक की थी, लेकिन यह बैठक बेनतीजा रही थी.




