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मोदी ने ओवैसी द्वारा गढ़े गए तिलिस्म को बोकारो में चूर-चूर कर दिया

Divy Kahre

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का बोकारो में आमसभा को संबोधित करते हुए दिया हुआ भाषण अगर एक तरह से देखा जाए तो AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के सवालों का करारा जवाब भी है. मोदी ने अपने भाषण में स्थानीय मुद्दों और झारखंड के परिपेक्ष में बातें कर असदुद्दीन ओवैसी के तीर से उन्हीं को घायल कर दिया है.

असदुद्दीन ओवैसी ने जो रविवार को कर्बला मैदान में मोदी के खिलाफ लोगों को बातें बताई थी, उसे मोदी ने अपने भाषण में झुठला दिया.

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ओवैसी ने अपने भाषण में लोगों से कहा था कि कल जब मिस्टर मोदी आए तो उनसे पूछिएगा जरूर कि यहां के विस्थापितों के दर्द उनकी सरकार को क्यों नहीं दिखता. उनकी सरकार ने आज तक यहां के सड़क बिजली, पानी, सड़क, स्वच्छता जैसी समस्याओं का समाधान क्यों नहीं किया.

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ओबीसी ने कहा था कि वजीर-ए-आजम मोदी से यह जरूर पूछिएगा कि क्यों नहीं वह झारखंड दौरे के दौरान अपने भाषणों में यहां के स्थानीय मुद्दों पर चर्चा करते हैं.

ओवैसी ने लोगों को यह आश्वस्त भी किया था कि जब आप वजीर-ए-आजम मोदी से यह सवाल पूछेंगे तो वह इन बातों को दरकिनार कर वो जम्मू कश्मीर के आ370 आर्टिकल जैसे राष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा करेंगे.

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वे यहां के स्थानीय मुद्दों की बात कभी नहीं करेंगे. इसलिए आप लोग ऐसे नेता को चुने जो यहां के स्थानीय मुद्दों को उठाएं और लोगों के दर्द को समझे.

हालांकि सोमवार को जब मोदी आए तो उन्होंने अपने 40 मिनट के भाषण में एक बार भी जम्मू कश्मीर के आर्टिकल 370 या किसी ऐसे राष्ट्रीय मुद्दे पर बात नहीं की, जिस पर ओवैसी ने मोदी को टारगेट किया था. बल्कि एक-एक करके वह हर एक स्थानीय मुद्दे की चर्चा की, जिसे झारखंड के निवासी सुनना और समझना चाहते हैं.

ओवैसी ने विस्थापितों को मोहने के लिए मोदी द्वारा उनकी समस्याओं को नजरअंदाज किए जाने के बारे में बताया था. लेकिन मोदी ने यहां के विस्थापितों के बारे में भी चर्चा की और उन्होंने कहा कि कल-कारखाने लगने के बाद जो लोग यहां से विस्थापित हुए हैं, उनकी समस्याओं के लिए कांग्रेस और जेएमएम की सरकार दोषी है.

भाजपा की सरकार बहुत ही संजीदगी से विस्थापन की समस्याओं के समाधान के लिए कार्य कर रही है. लाइब्रेरी ग्राउंड, सेक्टर 5 में हो रहे मोदी की सभा में विस्थापित काफी संख्या में आए थे, उन्होंने बड़ी गर्मजोशी के साथ मोदी का स्वागत किया.

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हालांकि मोदी ने ओवैसी का ना नाम लिया, ना ही अपने शब्दों में कोई भी ऐसी बातें कि जिससे उनकी ओर कोई इशारा हो. पर अपने परिपक्व भाषण में उन्होंने ओवैसी द्वारा उनके विरोध में बनाए गए माहौल के परखच्चे उड़ा दिए. ओवैसी अपने भाषण में बोलते हुए जितने गुस्से में दिख रहे थे, मोदी अपने भाषण में उतने शांत और गंभीर नजर आ रहे थे.

ओवैसी ने रोड के बारे में मोदी से पूछने को कहा था. मोदी ने अपने भाषण में बता दिया कि भाजपा सरकार ने झारखंड में इन 5 सालों में 800 किलोमीटर रोड 1400 करोड़ रुपए की लागत से बनवाया है. यही नहीं कई 100 किलोमीटर नेशनल हाईवे बना है और स्टेट हाईवे का चौड़ीकरण किया गया है.

मोदी ने यहां तक बता दिया कि झारखंड में रेलवे ने करीब 2000 किलोमीटर का नया रेलवे ट्रैक, करीब 40 हजार0 करोड़ का खर्च कर बन रहा है. वही रांची के साथ-साथ बोकारो और दुमका भी भारत के एयर कनेक्टिविटी मैप में सम्मिलित हो गया है.

ओवैसी ने लोगों को पानी की किल्लत के बारे में मोदी से पूछने को कहा था. मोदी ने सिर्फ पानी का ही नहीं बल्कि यहां तक बता दिया है कि झारखंड भाजपा सरकार और केंद्र सरकार ने मिलकर डिस्ट्रिक्ट मिनरल फंड का गठन किया है, जिसमें झारखंड को अभी तक 5000 करोड़ मिल चुके हैं. जिससे वाटर पाइप लाइन का जाल, स्कूल, हॉस्पिटल आदि बन रहे हैं.

बिजली और स्वच्छता के बारे में बोलते हुए मोदी ने यह भी कहा कि सरकार ने गरीबों के लिए ना सिर्फ मकान दिया है, पर उसके साथ-साथ बिजली पानी गैस-स्टोव और शौचालय भी दिया है.

जितना ओवैसी ने स्थानीय मुद्दों पर बात न करने के लिए लोगों के सामने मोदी को ललकारा था, उतने ही सहजता के साथ मोदी ने लोकल विषयों पर चर्चा कर ओबीसी की ललकार का जवाब उन्हीं की भाषा में दे दिया. यह कहना गलत नहीं होगा कि ओवैसी द्वारा गढ़े गए तिलिस्म को मोदी ने चूर-चूर कर दिया है.

सबसे दिलचस्प बात यह है कि ओवैसी और मोदी के भाषणों में एक चीज सामान्य दिखी. दोनों दिग्गजों ने कांग्रेस को भ्रष्टाचारी और लुटेरों की पार्टी बताया. ओवैसी ने कांग्रेस को जमकर लताड़ा और कहा कि कांग्रेस ने ही उन लोगों के साथ विश्वासघात किया है.

वहीं मोदी ने कांग्रेस को करप्ट पार्टी बताया. दोनों लीडरों ने अपने-अपने भाषण में लोगों से अपील की कि कांग्रेस और झामुमो समर्थित सरकार को कभी वोट ना करें.

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