
New Delhi : गुरूवार को नरेंद्र मोदी दूसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ लेंगे. इस समारोह का आयोजन राष्ट्रपति भवन के प्रांगण में किया जा रहा है. पीएम मोदी के साथ उनका मंत्रिमंडल भी शपथ लेगा. जिसमें करीब 6500 मेहमानों के शामिल होने की बात कही जा रही है.
राष्ट्रपति भवन में यह चौथा मौका है, जब शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन किया जा रहा है. लेकिन इस बार मोदी का शपथ ग्रहण समारोह काफी खास है. खासकर खाने की तैयारी बुधवार से ही शुरू कर दी गयी है और मेन्यू भी बहुत बढ़िया है.
आयोजन को रखा गया है सादगीपूर्ण
राष्ट्रपति भवन के प्रांगण में शपथ ग्रहण समारोह का यह चौथा मौका है. इससे पहले पहली बार चंद्रशेखर ने 1990 में बाहरी प्रांगण में प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी. फिर 1998 में अटल बिहारी वाजपेयी ने और इसके बाद साल 2014 में नरेंद्र मोदी का पहला शपथ ग्रहण हुआ था, जिसमें 4000 मेहमान शामिल हुए थे. अब चौथी बार भी नरेंद्र मोदी का ही शपथ ग्रहण समारोह इस प्रांगण में किया जा रहा है.
वहीं मोदी के शपथ ग्रहण को लेकर ऐसे कयास लगाये जा रहे थे कि यह आयोजन भव्य होगा. लेकिन खुद मोदी और राष्ट्रपति कोविंद के ऐसे निर्देश हैं कि इस समारोह को साधारण रखा जाए और इसमें गंभीरता भी होनी चाहिए. इस समारोह के बारे में अधिकारियों का कहना है कि शपथ ग्रहण को सादगीभरा और गरिमापूर्ण बनाने का पूरा ख्याल रखा गया है.
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हल्के रात्रिभोज का भी है इंतजाम
इस बार का समारोह 2014 की तरह ही साधारण रखा गया है. शपथ ग्रहण का वक्त शाम 7 बजे रखा गया है. फिर उसके बाद हल्के रात्रिभोज की व्यवस्था भी की गई है क्योंकि आने वाले मेहमानों में भारत के पूर्वी इलाके से भी हैं, जहां रात्रिभोज को काफी हल्का रखा जाता है. इसी को देखते हुए हल्के रात्रिभोज का इंतजाम किया गया है.
डिनर में वेज और नॉनवेज दोनों तरह के खाने की व्यवस्था की गई है. इसके लिए राष्ट्रपति भवन के रसोईघर को निर्देश भी दिया गया है. वहीं डिनर मेन्यु में ‘दाल रायसीना’ को खास जगह दी गई है और इसे पकाने के लिए 48 घंटे पहले से ही तैयारी शुरू कर दी गई है. जबकि खाने में खास तरह की थाली का भी इंतजाम रखा गया है.
वैसे 2014 में सुरक्षा कारणों की वजह से पानी के बोतलों की भी व्यवस्था नहीं था. उस वक्त भी इस बार की तरह काफी गर्मी थी. लेकिन इस बार पानी की बोतलों के साथ ही रात्रिभोज रकी व्यवस्था भी की गयी है, जो शाम 7 बजे के बाद है.
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सभी विपक्षी नेताओं को दिया गया है न्यौता
वहीं इस समारोह के लिए विपक्षी नेताओं के अलावा सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों, राज्यपालों, पूर्व प्रधानमंत्रियों और पूर्व राष्ट्रपतियों को भी न्योता भेजा गया है. वहीं जिन विपक्षी नेताओं को आमंत्रित किया गया है, उसमें कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, तृणमूल कांग्रेस प्रमुख और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, जद (एस) नेता और कर्नाटक के मुख्यमंत्री एच डी कुमारस्वामी और आप प्रमुख तथा दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल शामिल हैं.
वहीं इस बार नरेंद्र मोदी के शपथ समारोह में सार्क देशों को छोड़ BIMSTEC देशों के प्रमुख को निमंत्रण दिया गया है. हालांकि अब तक यह स्पष्ट है कि नेपाल-भूटान-मॉरिशस के प्रधानमंत्री, श्रीलंका-बांग्लादेश-म्यांमार के राष्ट्रपति, थाईलैंड-किर्गिस्तान के प्रमुख भी इसमें शामिल होंगे.
वैसे पिछली बार मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में सार्क देशों के प्रमुख शामिल हुए थे और पाकिस्तान भी इसमें शामिल था. साथ ही इस बार समारोह में 14 देशों के प्रमुखों के अलावा कई देशों के राजदूत, बुद्धिजीवी, राजनीतिक एक्टिविस्ट्स, फिल्म स्टार और सिलेब्रिटिज को भी आमंत्रित किया गया है.
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