
Ranchi : सिमडेगा में 4 जनवरी को भीड़ द्वारा संजू प्रधान की हत्या का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है. प्रदेश भाजपा इस घटना की सीबीआइ जांच की मांग सरकार से लेकर राजभवन तक कर चुकी है. एससी आयोग, महिला आयोग और राष्ट्रपति तक गुहार लगायी जा रही. अब मृतक संजू की पत्नी ने भी घटना की विस्तृत जांच सीबीआइ से कराने की मांग की है. उनके मुताबिक उन्हें स्थानीय पुलिस की जांच पर भरोसा नहीं है.
मंगलवार को राज्यपाल रमेश बैस से इसके लिए गुहार लगायी. इस दौरान उनके साथ चंदनकियारी विधायक सह भारतीय जनता पार्टी अनुसूचित जाति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष अमर कुमार बाउरी और अन्य भी उपस्थित थे.
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पुलिस की उपस्थिति में क्रूरतम घटना: बाउरी
मीडिया को जानकारी देते हुए अमर बाउरी ने कहा कि एक पत्नी के सामने उसके पति की हत्या कर दी जाती है और फिर उसके गर्भ में पल रहे 2 महीने के बच्चे को भी नष्ट कर दिया जाता है. यह सब उस वक्त होता है जब पुलिस घटनास्थल पर मौजूद रहती है. लेकिन उनकी तरफ से मृतक को बचाने की कोई कार्रवाई नहीं की जाती. इस पूरे मामले में पुलिस की भूमिका, स्थानीय विधायक की भूमिका संदिग्ध है.
कहा कि राजभवन ने इस पूरे घटनाक्रम को गंभीरता से लेते हुए उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है. हमें उम्मीद है कि राज्यपाल इस मामले पर हस्तक्षेप कर पूरे मामले की जांच सीबीआइ से करवाने की मांग को जरूर पूरा करेंगे.
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क्या है मामला
4 जनवरी, 2022 को दोपहर के 1:30 बजे सिमडेगा जिला में एक दलित व्यक्ति संजू प्रधान की पीट-पीट कर हत्या कर दी गयी. सुनियोजित तरीके से संजू प्रधान के घर पहुंची भीड़ ने पहले संजू प्रधान को घर से बाहर निकाला और फिर उनकी लाठी-डंडे पत्थर से पिटाई की. जब संजू प्रधान पिटाई से अधमरा हो गया तो फिर उसे पास में बने चिता पर लिटा कर जिंदा ही आग के हवाले कर दिया.
पूरी घटना को अपनी आंखों के सामने उनकी पत्नी ने देखा और अपने पति को बचाने के लिए वह बार-बार पुलिस से मिन्नतें करती रही.
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