
Ranchi: ग्रामीण विकास विभाग ने पोस्ट ऑफिस के जरिये मनरेगा मजदूरी भुगतान का सारा डेटा मंगवाने का आदेश सभी जिलों, प्रखंडों को दिया है. विभाग ने इसके लिए डाकघरों के साथ समन्वय स्थापित कर वहां से भुगतान से जुड़े डाटा को प्रखंड स्तर पर उपलध कराने को कहा है.
दरअसल, लाखों मनरेगा मजदूरों का मजदूरी भुगतान 2013-14 से रिजेक्टेड ट्रांजैक्शन की वजह से अटका हुआ है. मजदूरों के खाते में बैकों व पोस्ट ऑफिस के जरिये सीधे भुगतान किया जाता है.
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विभाग ने दो दिन पूर्व इसी लंबित रिजेक्टेड ट्रांजैक्शन पर मीटिंग बुलायी थी, जिसमें लंबित भुगतान के मामलों को सुधारने का निर्देश दिया गया था.
इसी बैठक में पोस्ट ऑफिस के वरीय पदाधिकारियों ने बताया कि लगभग 90 फीसदी रिजेक्टेड ट्रांजैक्शन को मैनुअली भुगतान कर दिया गया है.
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ऐसे में विभाग को अब लग रहा है कि अविलंब डाटा नहीं मंगाया गया तो दोबारा भुगतान मनरेगा श्रमिकों के खाते में ना हो जाये.
मनरेगा आयुक्त ने जिलों से एक सप्ताह में इसकी रिपोर्ट देने को कहा है. उन्होंने स्पष्ट कहा है कि वैसे श्रमिकों जिन्होंने मनरेगा से संचालित योजनाओं में काम किया है और उसे मजदूरी का भुगतान नहीं हो सका हो, यह काफी गलत होगा. लेकिन यह भी सुनिश्चित हो कि मनरेगा श्रमिकों को एक ही काम का दोबारा भुगतान भी न हो.
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