
Ranchi: झारखंड ने मनरेगा की उपलब्धियों में शानदार परफॉर्मेंस दिया है. पिछले 9 महीने में ही राज्य में 935 लाख मानव दिवस का सृजन हो चुका है. टारगेट 1100 लाख मानव दिवस सृजन का है. इसे मार्च तक प्राप्त करने पर पूरी मनरेगा टीम (ग्रामीण विकास विभाग) लगी हुई है.
ग्रामीण विकास विभाग की सचिव आराधना पटनायक ने मनरेगा में नयी उपलब्धियों के लिये सभी जिलों के डीडीसी (उप विकास आयुक्त) को शुक्रवार को बधाई दी. डीडीसी, बीडीओ के साथ उन्होंने मनरेगा, पीएम आवास योजना के प्रगति की समीक्षा वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से की. इस दौरान उनके साथ मनरेगा आयुक्त सिद्धार्थ त्रिपाठी और अन्य भी उपस्थित थे.
4 लाख लोग हर दिन कर रहे काम
आराधना पटनायक के अनुसार, मनरेगा के तहत स्थायी आजीविका प्रदान करने की दिशा में राज्य सरकार ने कोरोना कालखण्ड के बावजूद अब तक सबसे बड़ी उपलब्धि हासिल की है. बीते नौ माह में ही 935 लाख मानव दिवस का सृजित किया गया. अब तक कुल 11 लाख, 78 हजार, 995 नये परिवरों को जॉब कार्ड दिया गया.
इसमें कुल 15 लाख, 81 हजार, 748 मजदूर शामिल हैं. वित्तीय वर्ष 2020-21 में झारखण्ड के लिए 2,74,184 लाख रुपये तथा 800 लाख मानव दिवस श्रम बजट का लक्ष्य निर्धारित किया गया था. प्रवासी मजदूरों के लौटने से इस कार्यबल में और वृद्धि हुई.
गत वर्षों में जहां औसतन लगभग डेढ़ लाख लोग प्रतिदिन कार्य करते थे, वहीं इस वित्तीय वर्ष में औसतन लगभग 4 लाख लोग प्रतिदिन कार्य कर रहे हैं. इसके फलस्वरूप मानव दिवस के सृजन में बढ़ोतरी हुई है.
वित्तीय वर्ष 2017 -18 में 592.74 लाख,2018-19 में 536.59 लाख,2019-20 में 642.01 लाख मानव दिवस का सृजन किया गया था. इसके पूर्व वित्तीय वर्ष 2016- 17 के सुखाड़ वर्ष में सबसे अधिक 707 लाख मानव दिवस का सृजन किया गया था. इस वित्तीय वर्ष में 1100 लाख से अधिक मानवदिवस सृजन का अनुमान है. वर्तमान वित्तीय वर्ष में अब तक कुल 12.15 लाख योजनाओं पर कार्य प्रारंभ किया गया है. विगत 9 माह में ही 3.76 लाख योजनाओं को पूरा कर लिया गया है.
रिजेक्ट ट्रांजेक्शन को दो दिनों में शून्य करने का लक्ष्य
विभागीय सचिव ने डीडीसी, बीडीओ से कहा है कि मनरेगा सॉफ्ट में परिलक्षित प्रतिवेदन के अनुसार वित्तीय वर्ष 2020 -21 में कई ट्रांजेक्शन रिजेक्ट हुए हैं. ट्रांजेक्शन में लगभग 25,000 ट्रांजेक्शन का FTO सृजन नहीं हो पाया है. ससमय पुनः FTO सृजन नहीं होने का मुख्य कारण मजदूरों को समय से मजदूरी का भुगतान नहीं किया जाना है. रिजेक्ट ट्रांजेक्शन को अगले 2 दिनों में शून्य कराया जाये. प्रधानमंत्री आवास योजना के पुराने लक्ष्य (2019-20) को पूरा करने का भी टास्क दिया गया.




