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मनरेगा कर्मचारी संघ ने तोड़ी हड़ताल, सामाजिक सुरक्षा और ईपीएफ की सुविधा देगी सरकार 

Ranchi : मनरेगा कर्मचारी संघ अब काम पर लौटेगा. 28 जुलाई से चल रही हड़ताल को खत्म किये जाने पर संघ और विभाग के बीच सहमति बन गयी है. ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम के साथ गुरुवार को प्रोजेक्ट भवन में हुई चर्चा के बाद संघ ने यह फैसला लिया है. कर्मचारी संघ के संयुक्त सचिव सुशील पांडेय ने न्यूज विंग से कहा कि राज्य में फिर से मनरेगा योजनाओं में गति आयेगी. सभी कर्मचारी काम पर वापस लौटेंगे. मंत्री के साथ हुई बैठक में विभागीय सचिव आराधना पटनायक और मनरेगा आयुक्त सिद्धार्थ त्रिपाठी तथा अन्य पदाधिकारी भी शामिल थे.

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तीन बिंदुओं पर सहमति

ग्रामीण विकास विभाग ने संघ की 3 प्रमुख मांगों पर सहमति जतायी है. इसमें सामाजिक सुरक्षा के तहत मिलनेवाली सहायता, कर्मचारी भविष्य निधि और कर्मियों की बर्खास्तगी के बाद अपील किये जाने का मौका दिये जाने का मामला प्रमुख है. काम के दौरान घायल होने पर ईलाज के लिए मनरेगा कर्मियों को 50,000 रुपये तक की मदद अब सरकार देगी. इसी तरह कार्य अवधि में दुर्घटना में मारे जाने पर 5 लाख की सहायता उनके परिजनों को दी जायेगी. कर्मियों को ईपीएफ का लाभ भी मिलेगा. इसके तहत कर्मचारी को 12 प्रतिशत अंशदान करना है. नियोक्ता की ओर से 13 प्रतिशत रहेगा. यानि कुल 25% का लाभ ईपीएफ के तौर पर मिलेगा. जिला स्तर पर किसी कर्मी को हटाने से पहले उससे स्पष्टीकरण पूछना जरूरी होगा. सेवा से हटाये जाने की स्थिति में कर्मी एक महीने के भीतर प्रमंडलीय आयुक्त के पास लिखित तौर पर अपील कर सकेगा.

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28 जुलाई से जारी थी हड़ताल

मनरेगा कर्मी 28 जुलाई से हड़ताल पर बने हुए थे. इसके चलते राज्यभर में मनरेगा योजनाओं पर असर पड़ रहा था. हालांकि राज्य सरकार ने इसकी भरपाई के लिए जेएसएलपीएस, पीएम आवास, सोशल ऑडिट यूनिट और दूसरे लोगों को काम पर लगा रखा था. पर इससे अपेक्षित रिजल्ट नहीं मिल पा रहा था. मुखिया संघ भी बार-बार कह रहा था कि मनरेगा कर्मियों की हड़ताल से मनरेगा योजनाओं में टारगेट पूरा करना मुश्किल हो रहा है.

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