
NewDelhi : मी टू… अभियान पर कशमकश में फंसी सरकार जल़्द ही जांच कमेटी के गठन की घोषणा करेगी. महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की जांच कमेटी का एक दो दिन में एलान हो जाना है. मी टू… कैंपेन को लेकर केंद्र सरकार के रवैये पर महिला संगठन नाराजगी है. खबरों के अनुसार भारतीय महिला प्रेस क्लब ने इस मामले में गृहमंत्री, महिला एवं बाल विकास कल्याण मंत्री और राष्ट्रीय महिला आयोग को पत्र लिख न्याय की गुहार लगाई है. महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के एक अधिकारी के अनुसार कमेटी में सदस्यों की संख्या संभवत: पांच होगी. इस पर बातचीत जारी है कहा गया कि यदि यह कमेटी जस्टिस वर्मा कमेटी की तर्ज पर बनेगी, तो इसके लिए कानूनी प्रक्रिया का पालन करना होगाइस क्रम में कमेटी की जांच समयावधि और नियमावली भी इसी के अनुसार तय होगी. इस प्रक्रिया पर काम चल रहा है. इस पर एक दो दिन में फैसला हो जायेगा. बता दें कि आईडब्ल्यूपीसी द्वारा गृहमंत्री को लिखे पत्र में कहा गया है कि महिला पत्रकार अपने आप को खासा ठगा सा महसूस कर रही हैं.
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शिकायत करने वाली महिलाओं को ही जिम्मेदार ठहराया जा रहा है
एनडीए सरकार में वरिष्ठ मंत्री एमजे अकबर के खिलाफ कई महिला पत्रकारों ने यौन उत्पीडन के आरोप लगाये हैं. विदेश राज्य मंत्री की शिकायतों की लंबी सूची के बावजूद केंद्र सरकार और मंत्रालय द्वारा यौन उत्पीडन के गंभीर आरोपों की औपचारिक जांच तक शुरू नहीं की जा रही है. कहा गया कि जांच करने के बताय शिकायत करने वाली महिलाओं को ही जिम्मेदार ठहराया जा रहा है. पत्र में कहा गया है कि सरकार की जिम्मेदारी बनती है कि कार्यस्थल पर महिलाओं के लिए अनुकूल माहौल बनाने के लिए संस्थाओं पर दबाव बनाये, ताकि महिलाएं खुद को सुरक्षित महसूस कर सके. महिला प्रेस क्लब को है कि सरकार यौन उत्पीडन के मामले में निष्पक्ष जांच करायेगी.
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