
Dhanbad : केंद्र सरकार द्वारा लागू किये गये कृषि कानून के खिलाफ विगत कई दिनों से पंजाब हरियाणा सहित देश के कई हिस्सों के किसान लगातार आंदोलनरत हैं, सड़कों पर बैठ कर अपना विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं साथ ही इस काले कानून को वापस लेने की मांग कर रहे हैं.
विपक्ष भी एकजुट होकर इसके विरोध में खड़ा है. इसी कड़ी में निरसा प्रखंड अंतर्गत मुख्य बाजार के समीप संयुक्त मोर्चा की एक विशेष बैठक आयोजित हुई.
बैठक में संयुक्त मोर्चा के कई दलों के नेता तथा कार्यकर्ता उपस्थित हुए. साथ ही आंदोलन के दौरान जिन आंदोलनकारी किसानों की मौत हुई उन्हें श्रधांजलि भी दी गयी.
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नया बिल लेकर आये सरकार
मौके पर विशेष रूप से पहुंचे निरसा के पूर्व विधायक अरूप चटर्जी ने कहा कि सरकार अपनी हठधर्मिता छोड़े और कृषि कानून को वापस लेकर नया बिल पारित करे.
उन्होंने साफ तौर पर कहा कि जिन लोगों के लिए यह कानून बना है अगर वह इससे खुश नहीं हैं, संतुष्ट नहीं हैं तो ऐसे कानून का कोई मायने नहीं रह जाता है.
यह कानून कुछ व्यवसायी वर्ग को खुश करने के लिए बनाया गया है. जो किसानों के हित में कभी नहीं होगा. आगे आनेवाले दिनों में किसान इस बिल के लागू होने से खुद अपनी जमीन पर मजदूरी करते नजर आयेंगे. जब तक सरकार इस बिल को वापस नहीं लेगी संयुक्त मोर्चा के बैनर तले आये दिन विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा.
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