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मध्य प्रदेश भाजपा ने सदस्यों की जाति बताते हुए किया कार्यसमिति का एलान, उमा भारती को जगह नहीं

विवाद बढ़ने पर लिस्ट को किया डिलीट

New Delhi: सियासत में जाति के फॉर्मूले के आधार पर फैसले लेने का दस्तूर नया नहीं है, लेकिन भारतीय जनता पार्टी ने मध्यप्रदेश राज्य कार्यसमिति का एलान करते हुए जिस तरह सभी मनोनीत सदस्यों की जाति का उल्लेख किया, उसपर विवाद खड़ा हो गया है.

भाजपा की ओर से मंगलवार की देर रात कार्यसमिति की जो सूची जारी की गयी, उसमें सदस्यों के नाम के साथ उनकी जाति और वर्ग का भी जिक्र किया गया था. यह सूची देखते-देखते सोशल मीडिया पर वायरल हो गयी और लोग इसकी आलोचना करने लगे. विवाद बढ़ता देख पार्टी ने इस सूची को डिलीट किया और नयी सूची जारी की, जिसमें जाति और वर्ग का कॉलम हटा दिया गया.

जाति और वर्ग के उल्लेख के साथ जो सूची जारी की गयी थी, उसमें कई नेताओं की जाति भी गलत बतायी गयी थी. मसलन, भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय को ब्राह्मण जाति का बताया गया, जबकि वह वैश्य समुदाय से आते हैं. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, ज्योतिरादित्य सिंधिया की जाति भी गलत बतायी गयी थी.

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भाजपा मध्यप्रदेश कार्यसमिति की जो सूची जारी हुई है, उसमें ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थकों को खासी तवज्जो मिली है. प्रदेश कार्यसमिति में 23 स्थायी आमंत्रित सदस्य, 162 प्रदेश कार्यसमिति सदस्य और 217 विशेष आमंत्रित सदस्य हैं.

ज्योतिरादित्य सिंधिया और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को भी कार्यसमिति में स्थायी आमंत्रित सदस्य के तौर पर शामिल रखा गया है. सिंधिया समर्थक और उनके खेमे के हारे हुए सभी नेताओं को भी जगह दी गयी है.

भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति में पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती का नाम नहीं है. इसके अलग सियासी मतलब निकाले जा रहे हैं. उमा भारती ने इन दिनों प्रदेश की राजनीति में अपनी सक्रियता बढ़ायी है. उन्होंने चुनाव भी लड़ने की घोषणा की है, लेकिन कार्यसमिति में उनका नाम न होने पर हैरानी जतायी जा रही है.

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