
- बुधवार को हुए सर्वे के बाद गुरुवार को सुबह कार्रवाई खत्म हुई
Giridih: गिरिडीह के औद्योगिक क्षेत्र के अजीडीह मोड़ स्थित टफकॉन छड़ कंपनी लंगटा बाबा स्टील की फैक्टरी व कचहरी रोड के मंगलम मॉल स्थित लंगटा बाबा स्टील समेत चिरैयाघाट स्थित विश्वनाथ नर्सिंग होम में आयकर विभाग के सर्वे की कार्रवाई गुरुवार सुबह छह बजे समाप्त हुई. वहीं सर्वे की कार्रवाई के बाद लंगटा बाबा स्टील के निदेशक मोहन साव ने आयकर विभाग को 80 लाख टैक्स देने की बात कहीं. जबकि विश्वनाथ नर्सिंग होम संचालक डा सज्जन डोकानिया ने भी आयकर विभाग को 11 लाख का टैक्स देने की बात स्वीकारी है.
सर्वे के दौरान दस्तावेजों को खंगाला गया
इधर सर्वे के नेत्तृव कर रहे आयकर विभाग के संयुक्त आयुक्त प्रदीप विश्वास ने बताया कि लंगटा बाबा स्टील की फैक्टरी और कार्यालय में सर्वे के दौरान दस्तावेजों को खंगाला गया. उसके बाद यह साफ हुआ कि लंगटा बाबा स्टील ने वित्तीय साल 2018-19 में बड़े पैमाने पर टैक्स का घालमेल किया है. आयुक्त विश्वास के अनुसार लंगटा बाबा स्टील प्रबंधन वित्तीय साल की कमाई बेहद कम दिखायी है. जबकि फैक्टरी की आय काफी अधिक है. आयुक्त ने यह भी बताया कि लंगटा बाबा स्टील प्रबंधन बकाये होने की बात कह रहा है. जबकि सर्वे के दौरान जितने दस्तावेजों को खंगाला गया. उसके अनुसार ग्राहक और सप्लायर का कोई खास बकाया नहीं है. लिहाजा, लंगटा बाबा स्टील प्रबंधन की कमाई साल 2018-19 में काफी अधिक रही. जिसके अनुसार स्टील फैक्टरी ने आयकर विभाग को टैक्स का भुगतान नहीं किया. हालांकि सर्वे के दौरान स्टील फैक्टरी प्रबंधन द्वारा सहयोग करने का दावा संयुक्त आयुक्त ने किया है.
कम आमदनी दिखायी गयी
इसी प्रकार विश्वनाथ नर्सिंग होम के संचालक डा सज्जन डोकानिया ने भी साल 2018-19 में नर्सिंग होम और नर्सिंग होम में संचालित दवा दुकान शिवा ड्रग की कमाई बेहद कम दिखाकर टैक्स का भुगतान किया था. जबकि नर्सिंग होम और दवा दुकान की कमाई काफी अधिक रही. सर्वे के दौरान जिन दस्तावेजों को खंगाला गया, उसके अनुसार नर्सिंग होम द्वारा 11 लाख के टैक्स घालमेल का मामला सामने आया है. नर्सिंग होम और दवा दुकान से कमाई अधिक होने के बाद नर्सिंग होम के संचालन का ब्योरा आय के इनपुट से अधिक दिखाया. इसके बाद आयकर विभाग को संदेह हुआ कि इनपुट अधिक दिखाने के बाद नर्सिंग होम ने दवा दुकान और नर्सिंग होम की कमाई कम कैसे हुई. इधर, आयकर विभाग के दो दिनों की कार्रवाई के बाद शहर के कई सरिया कारखानों के मालिक और नर्सिंग होम संचालकों में हड़कप मचा रहा.
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