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लगातार चार चुनाव हारने के बाद आजसू की जबरदस्त वापसी, गिरिडीह सीट अपने खाते में कर बढ़ाया जनाधार

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  • आजसू सुप्रीमो सुदेश कुमार महतो की रणनीति काम आई, गिरिडीह किला भेदने के लिये एक साल से हो रही थी तैयारी.
  • ग्रास रूट लेवल पर संगठन को किया था मजबूत, 2300 बूथ में 57500 कार्यकतार्ओं की तैयार की थी फौज.
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Ranchi : लगातार चार चुनाव (एक लोकसभा, एक विधानसभा, दो विधानसभा उपचुनाव) हारने के बाद आजसू ने लोकसभा चुनाव में जबरदस्त वापसी की है. गिरिडीह सीट को अपने खाते में कर जनाधार भी बढ़ाया है. यह जीत आजसू के लिये संजीवनी का भी काम करेगा.

2014 में हुए लोकसभा चुनाव में आजसू सुप्रीमो सुदेश महतो खुद रांची सीट से चुनाव लड़े थे, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा था. इसके बाद से हार का सिलसिला जारी रहा. विधानसभा चुनाव में सुदेश को अपनी परंपरागत सीट सिल्ली गवांनी पड़ी.

दोबारा इस सीट पर उपचुनाव हुआ, इसमें भी सुदेश को हार का समाना करना पड़ा. गोमिया विधानसभा सीट के लिये हुए उपचुनाव में पार्टी के उम्मीदवार लंबोदर महतो दूसरे स्थान पर रहे. इन सभी परिस्थितियों को देखते हुए आजसू की प्रतिष्ठा दांव पर लगी थी.

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आखिर सुदेश की रणनीति काम आई

पिछली हार से सबक लेते हुए आजसू सुप्रीमो ने अपनी कुशल रणनीति का परिचय दिया. क्षेत्रीय दल होने के नाते पहले गिरिडीह के सभी विधानसभा क्षेत्रों में कैडर स्ट्रक्चर को मजबूत किया. एक बूथ 25 यूथ कार्यक्रम को अंजाम तक पहुंचाया.

लगभग 2300 बूथ में 57500 कार्यकतार्ओं को तैयार किया. इन सब तैयारियों से भाजपा आलाकमान को अवगत कराया. इसके बाद भाजपा आलाकमान ने अपने सीटिंग एमपी रवींद्र पांडेय का टिकट काट यह सीट आजसू को दे दिया. टिकट मिलने के बाद आजसू नेतृत्व ने स्टेप बाई स्टेप सभी का समर्थन हासिल किया.

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रामगढ़ से विधानसभा चुनाव लड़ सकते हैं सुदेश

चंद्रप्रकाश चौधरी के सांसद बनने के बाद रामगढ़ सीट से सुदेश के विधानसभा चुनाव लड़ने की चर्चा शुरू हो गई है. पार्टी सूत्रों के अनुसार रामगढ़ आजसू की परंपरागत सीट रही है. यहां से चंद्रप्रकाश चौधरी लगातार जीतते रहे हैं. इस नाते आजसू सुप्रीमो सुदेश महतो के लिये यह सेफ सीट मानी जा रही है.

वहीं गिरिडीह के छह विधानसभा सीटों पर भी आजसू का जनाधार बढ़ा है. टुंडी विधानसभा से आजसू के विधायक राजकिशोर महतो हैं. गोमिया विधानसभा उपचुनाव में भी आजसू ने बेहतर प्रदर्शन किया था. बहुत कम अंतर से पार्टी उम्मीदवार की हार हुई थी.

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पूर्व सांसद से भी अधिक मारजीन से जीते चंद्रप्रकाश

2014 में हुये लोकसभा चुनाव में पूर्व सांसद रवींद्र पांडेय ने 40313 वोट से जीत हासिल की थी. लेकिन पांच साल बाद स्थिति और बदल गई. चंद्रप्रकाश चौधरी ने कुल 648277 वोट हासिल किया.

जबकि उनके प्रतिद्वंदी जेएमएम के जगन्नाथ महतो को 399930 वोट मिले. इस हिसाब से चंद्रप्रकाश चौधरी 248347 वोट से जीत हासिल की. चंद्रप्रकाश को कुल 50.57 फीसदी मत मिले. जबकि जगन्नाथ महतो को 36.13 फीसदी ही वोट मिले.

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