
Ranchi: झारखंड हाईकोर्ट में जगन्नाथपुर मंदिर से रथ यात्रा निकालने की अनुमति को लेकर दायर पीआईएल पर शुक्रवार को सुनवाई हुई. प्रार्थी की ओर से पूर्व महाअधिवक्ता और वरीय अधिवक्ता अजीत कुमार ने कोर्ट में पक्ष रखा. कोर्ट को बताया गया कि छिन्नमस्तिका मंदिर के मामले में हाइकोर्ट द्वारा राज्य सरकार के स्तर से उचित निर्णय लिए जाने का आदेश पूर्व में पारित किया गया था. इस पर हाईकोर्ट ने मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा कि वर्तमान स्थिति को देखते हुए इस पर सरकार ही निर्णय ले सकती है.
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यदि सरकार मंदिर समिति सेवकों के साथ यात्रा निकालने की अनुमति देती है तो सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्धारित शर्तों के आधार पर सरकार निर्णय लेने के लिये स्वतंत्र है. कोर्ट ने यह भी कहा कि आदेश की मूल प्रति निर्गत होने में देर हो सकती है. सरकार की ओर से मौजूद अपर महाधिवक्ता सरकार को मौखिक सूचना देंगे. ताकि आदेश की मूल प्रति प्राप्त नहीं होने की स्थिति में भी यथाशीघ्र निर्णय लिया जा सके.
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बताते चलें कि राजधानी के जगन्नाथपुर मंदिर से रथयात्रा निकालने को लेकर कुछ दिन पहले हाईकोर्ट में पीआईएल दाखिल किया गया था. जिसमें कहा गया था कि पिछले तीन सौ साल से ज्यादा समय से रांची के जगन्नाथ मंदिर से रथ यात्रा निकलती है, लेकिन पिछले साल कोरोना संक्रमण को देखते हुए रथ यात्रा नहीं निकली थी। सुप्रीम कोर्ट ने कुछ शर्तों के साथ पुरी में रथ यात्रा निकालने अनुमति प्रदान की थी.




