
Dhanbad धनबाद में काले कोयले से होने वाली अवैध उगाही को लेकर घमासान मचा हुआ है. जिसके कारण धनबाद के बीसीसीएल के एरिया नंबर 1 से एरिया नंबर 5 तक लोडिंग पॉइंटों पर कोयला लोडिंग का कार्य बाधित है. हालंकि महीनों से बंद तेतुलमारी लोडिंग पॉइंट पर सुरक्षा कर्मियों की निगरानी में लोडिंग कार्य शुरू होने से लोडिंग मजूदरो में हर्ष का माहौल देखने को मिल रहा है, लेकिन कोयला लोडिंग कर अपना पेट पालने वाले मजदूरों के चेहरों पर यह ख़ुशी कब तक बरकरार रहेगी यह देखने वाली बात होगी.
बीसीसीएल के तेतुलमारी कोल डंप में पिछले छह महीने से लोडिंग का कार्य बाधित था , ऐसे में बीसीसीएल प्रबंधन की पहल पर शुरू हुए लोडिंग कार्य के लिए पहले दिन कुल दस ट्रकों को अनुमति मिली थी. पर रंगदारी के भय से मात्र एक ट्रक का ही लोडिंग कार्य पूरा हो सका. ऐसे में यह कयास फिर से लगाए जा रहे हैं कि डीओ धारको में अब भी रंगदारी को लेकर भय व्याप्त है जिसके कारण लोडिंग के लिए कोल डम्प में कम संख्या में ट्रक पहुंचे.
धनबाद इंडस्ट्रीज एन्ड कॉमर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष ने कोयला लोडिंग पॉइंटो से रंगदारी मांगने का आरोप धनबाद के दो विधायक बाघमारा विधायक दुल्लु महतो और धनबाद विधायक राज सिन्हा पर भी लगाया था , हालांकि इस मामले में कई बार विधायकों द्वारा प्रेस वार्ता कर सफाई भी दी गई , पर आज भी परिस्थियां नहीं बदली. कई लोडिंग पॉइन्ट आज भी रंगदारी और वर्चस्व के नाम पर बंद हैं.
बीसीसीएल के लोडिंग पॉइंटो पर क्यों नहीं हो रहा लोडिंग कार्य
2009 में धनसार के स्थानीय आदिवासी की जमीन पर लोडिंग पॉइंट का शुरआत हुई थी. उस वक्त आदिवासी मजदूरों का नेतृत्व मासस के मजदूर नेता धीरन मुखर्जी कर रहे थे. लोडिंग पॉइंट से हो रहे प्रदूषण से धनसार स्थित नई दिल्ली के लोग भी प्रभावित हो रहे थे. जिसके बाद युवा बेरोजगार मंच ने प्रदूषण का हवाला देकर नई दिल्ली के छोर पर अपना झंडा लगा दिया. जिसके बाद शुरू हुई वर्चस्व की जंग और इस वर्चस्व की जंग से 2017 में लोडिंग पॉइंट बंद हो गया.
पिछले दो सालो से लोडिंग पॉइंट पर लोडिंग का कार्य नहीं हो रहा है, जिससे 2000 मजदूरो पर बेरोजगारी की मार अपना कहर बरपा रही है.एक और लोडिंग करने वाले मजदूर भुखमरी के कगार पर आ गये है तो दूतरी तरफ मजदूरो के नाम पर अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकने वाले मजदूर नेता एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप का खेल खेल रहे है .
लगभग 2000 मजदूर हो गये बेरोजगार
धनबाद में वर्चस्व का लम्बा इतिहास रहा है. यहां हर एक गुट अपने – अपने वर्चस्व को जमाये रखने के लिए तरह तरह के आंदोलन भी करती रहा है. लेकिन इनके वर्चस्व के कारण आज 2000 मजदूरों की आर्थिक स्थिति दिन प्रतिदिन बिगड़ती जा रही है। बीसीसीएल के कुसुंडा एरिया के विश्कर्मा प्रोजेक्ट के लोडिंग पॉइंट पिछले दो सालो से बंद है. लोडिंग पॉइंट बंद हो जाने से असंगठित मजदूर बेबस और लाचार हो गये हैं.
अवैध उगाही को लेकर घमासान मचा हुआ है
कोयले से होने वाली अवैध उगाही को लेकर घमासान मचा हुआ है जिसके वजह से बीसीसीएल के कई न क्षेत्रो में कोयला लोडिंग पूरी तरह ठप है. धनबाद सांसद पशुपतिनाथ सिंह द्वारा जिला प्रशासन से धनसार स्थित विस्वकर्मा प्रोजेक्ट में उत्पन्न विवाद को सुलझाने के लिए हस्तक्षेप की मांग की गयी थी.
महीनो बाद धनबाद उपायुक्त के निर्देश पर गठित आठ सदस्यीय टीम की रिपोर्ट पर जो निर्णय लिये गये उसके परिणाम देखने को मिल रहे हैं. तेतुलमारी कोल डंप में फिर से सुरक्षा कर्मियों की निगरानी में लोडिंग का कार्य शुरू किया गया. फिलाहल लोडिंग पॉइन्ट पर कम संख्या में ट्रकों के पहुँचने से यह कयास लगाया जा रहा है कि मामला अभी शांत नहीं हुआ है.




