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1 महीने से बंद पड़ा है निरामया हॉस्पिटल का इंडोर, लोगों ने की चालू करने की मांग

डिप्टी मेयर ने कोविड सेंटर बनाने का दिया था सुझाव

Ranchi : कोरोना काल में शहर के लोगों को हॉस्पिटल में जगह नहीं मिल रही है. परिजन मरीज को लेकर हॉस्पिटल्स के चक्कर लगा रहे हैं कि कहीं उन्हें बेड मिल जाये. वहीं दूसरी ओर रांची के वार्ड नं 8 के कोकर में लायंस क्लब द्वारा संचालित निरामया हॉस्पिटल एक महीने से बंद पड़ा है.

यदि सारी सुविधाओं से लैस इस हॉस्पिटल को चालू कर दिया जाये तो न जाने कितने लोगों की जान बचायी जा सकती है. ये कहना है भारतीय जनता पार्टी रांची महानगर ( अनुसूचित जाति मोर्चा) के मीडिया प्रभारी प्रदीप रवि का.

वहीं उन्हें कोकर के लोगों का भी सपोर्ट मिल रहा है जिससे कि हॉस्पिटल को जल्द से जल्द चालू कराया जा सके. बताते चलें कि डिप्टी मेयर संजीव विजयवर्गीय ने भी सरकार को इसे कोविड सेंटर बनाने का सुझाव दिया था, जिससे ज्यादा से ज्यादा मरीजों का इलाज हो सके.

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… तो बंद कर दिया जाये हॉस्पिटल

उन्होंने कहा कि हॉस्पिटल की जरूरत तो इसी वक्त के लिए होती है. अगर ऐसे वक्त में भी ये बंद रहे तो ऐसे हॉस्पिटल्स को तो हमेशा के लिए बंद कर देना चाहिए. साथ ही कहा कि वैसे भी कुछ वर्षों से क्लब के मेंबरो की पार्टी और मीटिंग के लिए ज्यादा उपयोग होता है.

ऐसे में उन्होंने लोगों से अपील की है कि अब हम नागरिकों को ही आगे आना होगा. हॉस्पिटल का हॉस्पिटल जैसा उपयोग हो या फिर इसे बंद कर दिया जाये.

डॉक्टर और संसाधन की कमी

निरामया हॉस्पिटल के ज्वाइंट सेक्रेटरी रतन अग्रवाल का कहना है कि हॉस्पिटल में 2 घंटे की ओपीडी सेवा चल रही है. हमारे पास डॉक्टरों की कमी है और हॉस्पिटल में मरीजों को उपलब्ध करानेवाले संसाधन भी नहीं हैं.

ऐसे में इंडोर को चालू कर दिया जाये तो मरीजों को परेशानी के अलावा और कुछ नहीं मिलेगा. फिलहाल इमरजेंसी में आने वाले मरीजों को तत्काल इलाज और दवा तो दी जा रही है.

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