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कनार्टक का नाटक : SC ने शाम छह बजे  स्पीकर के सामने बागी विधायकों को पेश होने को कहा

NewDelhi : कनार्टक के कांग्रेस-जद (एस) गठबंधन के 10 बागी विधायकों को शाम छह बजे विधानसभा अध्यक्ष से मिलने की अनुमति SC ने गुरुवार को दी.  सीजेआई रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ ने कर्नाटक विधानसभा अध्यक्ष को आज गुरुवार को ही विधायकों के इस्तीफे पर निर्णय लेने का निर्देश दिया है. पीठ  में न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता और न्यायमूर्ति अनिरुद्ध बोस भी शामिल  है.

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सुप्रीम कोर्ट ने बागी विधायकों से कहा कि वे शाम छह बजे विधानसभा अध्यक्ष से मिलें और अगर आपकी इच्छा है तो उन्हेंअपना इस्तीफा दें.  संविधान विशेषज्ञों के अनुसार सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अब पिछले छह दिनों से विधायकों के फैसले पर कोई फैसला नहीं लेने वाले विधानसभा अध्‍यक्ष के पास बेहद कम विकल्प बचे हैं.

पीठ ने आदेश दिया कि कर्नाटक विधानसभा के अध्यक्ष द्वारा लिये गये  निर्णय की जानकारी शुक्रवार को मामले की अगली सुनवाई के दौरान दी जाये. जान लें कि छह जुलाई को कांग्रेस-जेडीएस के 14 विधायकों ने अपना इस्तीफा सौंप दिया था जिससे राज्य में गठबंधन सरकार खतरे में पड़ गयी थी. इस क्रम में कांग्रेस के दो विधायकों आवास मंत्री एमटीबी नागराज और केसुधाकर ने बुधवार को विधानसभा अध्यक्ष को अपना इस्तीफा सौंप दिया जिससे असंतुष्ट विधायकों की संख्या बढ़कर 16 हो गयी.

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मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने कैबिनेट की बैठक बुलायी

इस उठापठक के बीच मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने कैबिनेट की बैठक बुलायी है. कांग्रेस की ओर से सिद्धारमैया, केसी वेणुगोपाल,गुलाम नबी आजाद बैठक में हिस्सा लेने पहुंचे हैं. वहीं, दूसरी ओर भाजपा नेता बीएस येदियुरप्पा भी इस वक्त कुछ विधायकों के साथ बैठक कर रहे हैं. कर्नाटक के मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने दावा किया है कि उनके पास बहुमत है. इसलिए वह इस्तीफा नहीं देंगे. लाइव लॉ के अनुसार, याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश होते हुए वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी ने कहा कि विधायकों के इस्तीफों को स्वीकार करने से इनकार करके विधानसभा स्पीकर कानून सम्मत रूप से अपनी जिम्मेदारी नहीं निभा रहे हैं.

रोहतगी ने कहा, विधायकों ने छह जुलाई को अपना इस्तीफा सौंप दिया था लेकिन स्पीकर ने उन्हें स्वीकार करने से इनकार कर दिया था. अब विधायकों पर अयोग्यता का खतरा मंडराने लगा है. इस पर  SC ने कर्नाटक के डीजीपी को 10 असंतुष्ट विधायकों के मुम्बई से बेंगलूरू पहुंचने के बाद उन्हें बेंगलूरू हवाई अड्डे से विधानसभा तक सुरक्षा मुहैया करने का निर्देश भी दिया.

विधायकों का दावा है कि उनका इस्तीफा स्वीकार न करके स्पीकर रमेश कुमार ने गैरकानूनी रूप से अपनी संवैधानिक जिम्मेदारी नहीं निभाई है.वहीं, स्पीकर रमेश कुमार का कहना है कि अभी तक उन्होंने कोई इस्तीफा मंजूर नहीं किया है. इसका एक नियम है, वह उसके अनुसार ही काम करेंगे.

नाराज विधायक मुंबई के एक होटल में रुके हैं

नाराज विधायक मुंबई के एक होटल में रुके हैं. जहां पर बुधवार को उनसे मिलने कांग्रेस नेता डीके शिवकुमार पहुंचे थे. हालांकि, उन्हें मिलने नहीं दिया गया. पुलिस ने उन्हें हिरासत में भी लिया और बाद में जबरन बेंगलुरु के लिए रवाना कर दिया. शुक्रवार को कर्नाटक विधानसभा का सत्र शुरू होना है. भाजपा इस सेशन को अवैध बता रही है. इस बीच कर्नाटक विधानसभा के आसपास धारा 144 लगा दी गयी है.

कर्नाटक के मुद्दे पर दिल्ली में संसद भवन के बाहर कांग्रेस के कई सोनिया गांधी, आनंद शर्ना सहित कई वरिष्ठ नेताओं के साथ राहुल गांधी धरने पर बैठ गये हैं. वे संसद परिसर में गांधी मूर्ति के बाहर धरना दे रहे हैं. दूसरी तरफ टीएमसी, सपा, एनसीपी, राजद और सीपीआई(एम) सहित कई अन्य पार्टियां भी राज्य सरकारों को गिराने का आरोप लगाते हुए संसद परिसर में भाजपा के खिलाफ प्रदर्शन कर रही हैं.

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