
Bengaluru: कर्नाटक की सियासत में एकबार फिर संकट का दौर जारी है. सत्तारूढ़ जेडीएस-कांग्रेस गठबंधन के 13 विधायकों ने इस्तीफा दे दिया है. वहीं सियासी गलियारे में कांग्रेस के लिए एक और बुरी खबर की चर्चा है. कहा जा रहा है कि पार्टी की एक और विधायक इस्तीफा दे सकती हैं.
इन सबके बीच कुमारस्वामी रूठे विधायकों को मनाने में जुटे है. वहीं पूरे घटनाक्रम पर बीजेपी की नजर है. भारतीय जनता पार्टी फिर राज्य में सरकार बनाने को लेकर एक्टिव होती दिख रही है. जिन विधायकों ने इस्तीफा दिया है, वह अभी मुंबई में हैं.
इसे भी पढ़ेंः29 सरकारी कंपनियों को बेचने की तैयारी में मोदी सरकार
एक और विधायक देंगी इस्तीफा ?
नाराज चल रहे विधायकों के मान-मनोव्वल के बीच कांग्रेस के लिए एक और बुरी खबर सामने आई है. सूत्रों की मानें तो कांग्रेस विधायक अंजलि निबंलकर कल अपना इस्तीफा दे सकती हैं.
संसद में भी गूंजेगा मामला
इधर कर्नाटक पर छाये सियासी संकट की गूंज आज संसद में भी सुनायी दे सकती है. कांग्रेस की ओर से इसके लिए नोटिस दिया गया है. कांग्रेस का आरोप है कि BJP राज्य में सरकार को गिराना चाहती है.
हमारे विधायकों को ले गयी बीजेपी- आजाद
इससे पहले कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव गुलाम नबी आजाद ने रविवार को आरोप लगाया कि भाजपा कर्नाटक में हमारी सरकार गिराने के लिए हमारे विधायकों को मुंबई ले गयी है.
कर्नाटक में हुई राजनीतिक संकट के बारे में पूछे गये एक सवाल के जवाब में आजाद ने यहां मीडिया को बताया, ‘‘प्रधानमंत्री जी (नरेन्द्र मोदी) कहते हैं – सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास. ये तो टेलीविजन पर बहुत अच्छी चीजें लगती हैं. लेकिन जमीन पर नहीं है.’’
इसे भी पढ़ेंःयूपीः यमुना एक्सप्रेस-वे पर यात्रियों से भरी बस नाले में गिरी, 29 लोगों की मौत
उन्होंने आगे कहा, ‘‘माननीय प्रधानमंत्री की मौजूदगी में मैंने कहा था कि आपने (भाजपा) हमारी सरकार हिमाचल प्रदेश में तोड़ दी. मणिपुर एवं गोवा में हमारे विधायकों को (सदन में) वोट नहीं देने दिया. बंगाल के विधायक ले जा रहे हो, आंध्रप्रदेश के विधायक ले जा रहे हो, गुजरात के विधायक ले जा रहे हो और अब आप कर्नाटक के विधायक ले जा रहे हो.’’
आजाद ने सवाल किया, ‘‘इन सबका विश्वास कहां चला गया? और कहां है लोकतंत्र?’’ उन्होंने कहा, ‘‘लोकतंत्र पर तो हमारा विश्वास होता है, भरोसा होता है. पार्टी के चुनाव चिन्ह के आधार पर जनता अपना प्रतिनिधि चुनकर देती है और अगर उसमें कोई भी बाहुबली ताकत वाला इस तरह से करे, तो क्या होगा.’’
गौरतलब है कि राज्य की 224 सदस्यीय विधानसभा में सत्तारूढ़ गठबंधन के 118 विधायक हैं. अगर त्यागपत्रों को स्वीकार कर लिया जाता है तो सरकार के बहुमत खो सकती है.
इसे भी पढ़ेंःCNT उल्लंघन मामले में कल्पना सोरेन और जमीन बेचने वाले राजू उरांव को नोटिस




