
Ranchi: कांटाटोली फ्लाईओवर के लिये दो एकड़ जमीन के अधिग्रहण का काम राशि के अभाव में अटका पड़ा था. इसपर जिला प्रशासन ने पहल की है. इससे अधिग्रहण और मुआवजा भुगतान का काम जल्द ही शुरू हो जायेगा. डीसी राहुल कुमार सिन्हा ने अधिकारियों को भू-अधिग्रहण का काम शुरू करने को कहा है. डीसी ने न्यूजविंग को बताया कि जिला भू- अर्जन कार्यालय को धारा-19 निकालने का निर्देश दिया गया है. सारे लोगों को नोटिस जारी कर दी गयी है. अवार्ड घोषित करने का काम भी जल्द शुरू कर दिया जायेगा. डीसी ने बताया कि मुआवजा राशि के तौर पर 16 करोड़ मिले हैं और 16 करोड़ मिलने हैं वो भी मिल जायेंगे. कांटाटोली फ्लाईओवर से संबंधित संचिका जिला भू-अर्जन कार्यालय को लौटा दी है. ज्ञात हो कि करीब दो एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया जाना है. यह बढ़ी हुई जमीन है.
क्यों रूक गया था काम
पर्याप्त मुआवजा राशि नहीं मिलने की वजह से अधिग्रहण का काम रूक गया था. विभाग द्वारा पूरी राशि भी नहीं भेजी गयी थी. मुआवजा के तौर पर 32 करोड़ की मांग की गयी थी, जिसमें संरचना को शामिल नहीं किया गया था. इन 32 करोड़ में केवल 16 करोड़ ही मिल पाया था. शेष 16 करोड़ रूपये और दिये जाने हैं जो नहीं मिल पाया था. यह राशि रांची नगर निगम द्वारा उपलब्ध कराया जाना है.
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फ्लाईओवर की लंबाई 2400 मीटर होगी
लगभग 224 करोड़ की राशि से बनाये जा रहे कांटाटोली फ्लाइओवर को दो साल में पूरा करना है. यह ओवरब्रिज योगदा सत्संग आश्रम से कांटाटोली चौक होते हुए कोकर के शांति नगर तक जायेगा. इसकी लंबाई 2400 मीटर होगी. शुरुआत में 40 करोड़ की डीपीआर बनी थी. फिर उसे 84 करोड़ रुपये का किया गया. इसके बाद फ्लाइओवर निर्माण की लागत 187 करोड़ पहुंची. लेकिन, इस राशि में भी काम नहीं हो सका. अब निर्माण के लिए बजट राशि 224 करोड़ रखी गयी है. अहमदाबाद की कंपनी मेसर्स दिनेश अग्रवाल एंड संस को कांटाटोली फ्लाईओवर निर्माण का काम दिया गया है.
2020 में काम पूरा होना था
कांटाटोली फ्लाइओवर निर्माण की योजना वर्ष 2016 में बनी थी. वर्ष 2017 में इसका काम आवंटित किया गया था, लेकिन भू-अर्जन नहीं होने के कारण काम चालू नहीं हो सका. मई 2018 में भू-अर्जन का काम पूरा हुआ. जून 2018 में क्लियरेंस के बाद काम शुरू किया गया था. जून 2020 तक कांटाटोली फ्लाइओवर बन कर तैयार हो जाना चाहिए था.




