NationalUttar-Pradesh

कानपुर अपहरण-मर्डर केस: IPS अपर्णा गुप्ता समेत 4 पुलिस अफसर सस्पेंड

Kanpur (UP): कानपुर में लैब असिस्टेंट संजीत यादव के अपहरण और हत्या का मामला सामने आया है. इस घटना को लेकर यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कार्रवाई की है. उन्होंने IPS अपर्णा गुप्ता, तत्कालीन डिप्टी एसपी मनोज गुप्ता समेत चार अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया है.

गौरतलब है कि जनपद के बर्रा थाना क्षेत्र से लैब टेक्नीशियन के अपहरण और फिरौती के 30 लाख रुपये दिये जाने का मामला है. जिसमें अपहरण के महीने भर बाद पुलिस ने दावा किया कि टेक्नीशियन की अपहरण के हफ्ते भर बाद ही उसकी हत्या कर दी गयी थी.

इसे भी पढ़ें- प्रोजेक्ट भवन के दूसरे तल्ले का पथ निर्माण विभाग बना कंटेनमेंट जोन, किया गया सील   

टेक्नीशियन की बाइक व मोबाइल फोन का भी लगाया जा रहा पता

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दिनेश कुमार प्रभु ने बताया कि अपराध और निगरानी शाखा सहित कई पुलिस दल आगे गिरफ्तारियों और टेक्नीशियन के शव को बरामद करने के लिए लगाये गए हैं. एसएसपी ने बताया कि टेक्नीशियन की मोटरसाइकिल और मोबाइल फोन का भी पता लगाने की कोशिश हो रही है जो उसके अपहरण के बाद से ही गायब हैं.

उन्होंने बताया कि कई संदिग्ध लोग इस सिलसिले में गिरफ्तार किये गये और उनसे विस्तृत पूछताछ की गयी. इनमें से दो ने अपराध करना स्वीकार किया. प्रभु ने बताया कि आरोपियों ने खुलासा किया कि एस यादव (27) का उन्होंने अपहरण किया था. वे यादव के साथ पहले किसी अन्य पैथलॉजी में कार्य करते थे. उन्होंने यादव को 26 या 27 जून को मार दिया और यादव को शव को पांडु नदी में फेंक दिया था.

एसएसपी ने बताया कि 22 जून को बर्रा निवासी यादव का अपहरण किया गया था. उसके परिवार वालों ने 23 जून को बर्रा थाने में यादव के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज करायी थी. तीन दिन बाद मामले में अपहरण की धाराएं जोड़ी गयीं.

इसे भी पढ़ें- राज्य में कोरोना के बढ़ते संक्रमण पर झारखंड हाईकोर्ट सख्त, पूछा- टेस्टिंग में देर क्यों

पुलिस ने फिरौती दिए जाने की बात से किया इनकार

यादव के परिवार वालों का आरोप था कि अपहर्ताओं ने पिता चमन सिंह यादव को मोबाइल फोन पर कॉल कर 30 लाख रुपये फिरौती मांगी थी. परिवार वालों का कहना है कि उन्होंने 30 लाख रुपये से भरा बैग पुलिस की मौजूदगी में एक फ्लाईओवर से रेल पटरी पर फेंका था. उन्होंने वही किया जो अपहर्ताओं ने कहा था लेकिन अपहर्ताओं ने यादव को नहीं छोड़ा. हालांकि, पुलिस ने फिरौती दिए जाने से इनकार किया है.

लैब टेक्नीशियन के घर वालों द्वारा 30 लाख रुपये की फिरौती अपहर्ताओं को देने की खबर मीडिया में आने के बाद एसएसपी प्रभु ने कहा था कि वह मीडिया रिपोर्ट का संज्ञान ले रहे हैं, जिनमें 30 लाख रूपये की फिरौती देने की बात सामने आयी है. उन्होंने कहा कि वह पीड़ित परिवार से बात भी कर रहे हैं और कोई गलत पाया गया तो उसे दंडित किया जाएगा. उस समय एसएसपी ने पीड़ित परिवार को आश्वासन दिया था कि यादव की सुरक्षित वापसी करायी जाएगी.

इसे भी पढ़ें- 3.5 करोड़ के टीशर्ट व 35 लाख की टॉफी बांटने मामले में सरकार को तीसरी बार मिला शपथपत्र दायर करने का वक्त

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles

Back to top button