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जेएनयू देशद्रोह मामलाः कोर्ट ने दिल्ली पुलिस से पूछा- चार्जशीट दाखिल करने की जल्दी क्या थी

New Delhi: जेएनयू देशद्रोह मामले में आरोपित जेएनयू छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार व अन्य के खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी को लेकर सोमवार को दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट सुनवाई हुई. इस दौरान दिल्ली पुलिस ने स्थानीय अदालत को बताया कि जेएनयू छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार और अन्य के खिलाफ देशद्रोह के मामले में मुकदमा चलाने के लिए विश्वविद्यालय के अधिकारियों से अभी तक अनुमति नहीं मिली है.

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इस पर दिल्ली की अदालत ने पुलिस से पूछा, इस मामले में आरोप-पत्र दायर करने की जल्दी क्या थी, आप मुकदमे के लिए अनुमति मिलने के बाद भी आरोप-पत्र दाखिल कर सकते थे. कोर्ट ने जेएनयू छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार के खिलाफ देशद्रोह के मामले में डीसीपी से रिपोर्ट मांगी है. उधर दिल्ली सरकार ने कहा है कि चार्जशीट वाली फ़ाइल प्रोसेस में है और अभी इस पर निर्णय लेने में 2 महीने लग जाएंगे. कोर्ट ने ये भी स्पष्ट कर दिया है कि जिस वीडियो के आधार पर दोषी बनाया गया है पहले उसे कोर्ट के सामने पेश किया जाए. इस मामले में अगली सुनवाई 29 मार्च को होगी.

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उल्लेखनीय है कि इस मामले में जेएनयू छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार और कई छात्र के खिलाफ दिल्ली पुलिस ने चार्जशीट दाखिल की थी. लेकिन नियमानुसार जिस प्रदेश में देशद्रोह का मामला घटित होता है, उस प्रदेश के सरकार से अनुमति लेनी होती है.

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लेकिन जेएनयू केस में दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार से अनुमति लेनी थी, AAP सरकार ने अभी तक अनुमति नहीं दी. हालांकि, इससे पहले पिछली सुनवाई में 27 फरवरी को हुई सुनवाई में दिल्ली सरकार द्वारा मंजूरी नहीं देने के चलते पटियाला हाउस कोर्ट ने दिल्ली सरकार को फटकार लगाई थी. कोर्ट ने कहा था कि 2016 के राजद्रोह मामले में मुकदमा चलाने की अनुमति नहीं देती है तो भी वह इसकी सुनवाई की दिशा में आगे बढ़ेगी.

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ज्ञात हो कि इससे पहले की सुनवाई में दिल्ली पुलिस ने कोर्ट को बताया था कि 9 फरवरी 2016 को जेएनयू में तत्कालीन छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार ने एक कार्यक्रम का आयोजन किया था .जिसमें आरोपित अनिर्बान भट्टाचार्य औैर उमर खालिद ने देशविरोधी नारे लगाए और कन्हैया कुमार ने उनका साथ दिया.

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