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लोकसभा चुनाव 2019: एक उम्मीदवार खर्च कर सकेगा अधिकतम 70 लाख

प्रत्येक दिन के खर्च के ब्योरे का रखना होगा हिसाब-किताब, चुनाव प्रचार के समय तक तीन बार व्यय प्रेक्षक अथवा संबद्ध अधिकारी को देना होगा खर्च का ब्योरा

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Deepak

Ranchi: निर्वाचन आयोग की घोषणा के बाद झारखंड समेत देशभर में चुनावी प्रक्रिया की सुगबुगाहट शुरू हो गयी है. आयोग ने लोकसभा चुनाव 2019 के लिए उम्मीदवारों की अधिकतम खर्च सीमा भी तय कर दी है. झारखंड और बिहार समेत अन्य राज्यों की लोकसभा सीटों से चुनाव लड़नेवाले उम्मीदवार 70 लाख रुपये तक खर्च कर पायेंगे. वहीं अरुणाचल प्रदेश, गोवा, सिक्किम, पुड्डूचेरी, दादर और नागर हवेली, चंडिगढ़, लक्षद्वीप में लोकसभा चुनाव लड़नेवाले उम्मीदवार 54 लाख रुपये खर्च कर पायेंगे.

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देना होगा खर्च का ब्योरा

सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश में खर्च की अधिकतम राशि से संबंधित अधिसूचना चुनावी घोषणा के बाद प्रभावी हो गयी है. इसका अनुपालन सभी राष्ट्रीय दलों, क्षेत्रीय दलों और निर्दलयी चुनाव लड़नेवाले उम्मीदवारों को करना होगा. सभी उम्मीदवारों को राज्य स्तरीय सक्षम पदाधिकारी, व्यय प्रेक्षक (एक्सपेंडीचर ऑब्जरवर) को चुनाव प्रचार के दौरान तीन बार अपने खर्च का ब्योरा देना होगा. सभी राज्यों के राज्य निर्वाचन पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे उम्मीदवारों के खर्च और अन्य मामलों पर नजर रखें.

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10 हजार से अधिक खर्च की लिमिट पार करने की देनी होगी सूचना

चुनाव आयोग ने प्रति दिन के खर्च की राशि में 10 हजार रुपये से अधिक के व्यय का हिसाब-किताब राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों को रखने का निर्देश दिया है. 10 हजार रुपये से अधिक का खर्च करने के लिए उम्मीदवारों को चेक, डिमांड ड्राफ्ट, एनइएफटी (नेशनल इलेक्ट्रोनिक फंड ट्रांसफर), आरटीजीएस (रीयल टाइम ग्रास ट्रांसफर) की प्रक्रिया अपनानी होगी.

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सभी उम्मीदवारों और राजनीतिक दलों को चुनाव प्रचार के खर्च और अन्य खर्च का अंतिम लेखा-जोखा भी बनाना होगा. इसे चुनाव के 90 दिनों के अंदर लोकसभा चुनाव के लिए बने राज्य निर्वाचन पदाधिकारी, जिला निर्वाची पदाधिकारी अथवा निर्वाचन आयोग के वेबसाइट पर अपलोड करना होगा. खर्च का ब्योरा आम लोग निर्वाचन आयोग की वेबसाइट से एक्सेस कर पायेंगे.

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