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#JharkhandElection : 4th फेज में BJP की 12 सीटिंग सीटों को जीतना गठबंधन के लिए बड़ी चुनौती

Ranchi :  झारखंड विधानसभा चुनाव के चौथे चरण में (16 दिसम्बर) कुल 15 सीटों के लिए मतदान होना है. इन सीटों पर गठबंधऩ के प्रत्याशियों ने जीत के दावे के साथ पूरी ताकत झोंक दी है.

इस चरण में सबसे प्रमुख रूप से बोकारो, चंदनकियारी, देवघर और मधुपुर जैसी सीटों में बीजेपी-आजसू गठबंधऩ ने जो सियासी समीकरण बिगाड़ा है, उसका फायदा उठाने के लिए गठबंधन प्रत्याशी लगातार क्षेत्र के दौरे पर है.

दूसरी तरफ से 15 में 12 सीटों पर बीजेपी का कब्जा है. ऐसे में बीजेपी के इस गढ़ को छीनना गठबंधऩ प्रत्याशियों के लिए एक बड़ी चुनौती है.

बता दें कि उपरोक्त चारो सीटों के अलावा आगामी 16 दिसम्बर सोमवार को बगोदर, जमुआ, गांडेय, गिरिडीह, डुमरी, सिंदरी, निरसा, धनबाद, झरिया, टुंडी, बाघमारा सीटों पर मतदान होना है.

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किसी सीट पर क्या है समीकरण

देवघर

सीट पर संयुक्त बिहार के समय से ही आरजेडी का दबदबा रहा है. लेकिन 2014 के दौरान बीजेपी के नारायण दास ने आरजेडी के सुरेश पासवान को हराया था. लेकिन इस बार बीजेपी के लिए इस सीट पर चुनौती काफी है.

इस बार भी आरजेडी से सुरेश पासवान मैदान में है. इस बार यहां मुकाबला त्रिकोणीय दिख रहा है. बीजेपी के नारायण दास और सुरेश पासवान के साथ आजसू के टिकट पर सुरेश पासवान के भतीजे संतोष पासवान के आजसू के टिकट पर चुनावी मैदान में है.

बताया जा रहा है कि संतोष की पकड़ शहरी और ग्रामीण मतदाताओं में अच्छी है.

बाघमारा

कांग्रेस प्रत्याशी के तौर पर पूर्व मंत्री जलेश्वर महतो के सामने टाइगर कहे जाने वाले ढुल्लू महतो के किले को तोड़ना एक बड़ी चुनौती है.

ढुल्लू महतो की क्षेत्र में जबरदस्त पकड़ और पीएम मोदी के द्वारा उनके लिए चुनावी प्रचार करना गठबंधन के खेल को बिगाड़ने में अहम भूमिका निभा सकती है.

मधुपुर

गठबंधन के प्रत्याशी जेएमएम नेता हाजी हुसैन अंसारी के सामने बीजेपी के मंत्री राज पलिवार है. 2014 में राज पलिवार मामूली अंतर से चुनाव जीते थे.

लेकिन इस बार आजसू की ओर से गंगा नारायण के चुनावी मैदान में आने से मुकाबला काफी रोचक है.

बोकारो

बीजेपी के सीटिंग विधायक बिरंची नारायण ने 2014 में निर्दलीय प्रत्याशी समरेश सिंह को 72643 वोट से मात देकर राज्यभर में सबसे अधिक फासले से जीत हासिल की थी.

लेकिन बीजेपी नेता के दो प्रमुख वीडियो (वोट नहीं देने की बात करने वाले और हाल में वायरल हुए विवादित वीडियो) से उनका खेल बिगड़ता दिख रहा है.

ऐसे में गठबंधन की ओर से कांग्रेस को मिली इस सीट पर समरेश सिंह की बहू श्वेता सिंह बिरंची को टक्कर दे रही हैं.

पिछले चुनाव में साथ चुनाव लड़े आजसू इस बार बीजेपी से अलग होकर राजेंद्र महतो को अपना प्रत्याशी बनाया है, जिससे सेंधमारी के आसार बढ़ गये हैं.

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चंदनक्यारी

इस बार गठबंधऩ के जेएमएम प्रत्याशी विजय रजवार चुनावी मैदान में है. वे पहली बार चुनाव लड़ रहे हैं.

लेकिन यहां मुकाबला विशेष तौर पर कैबिनेट मंत्री अमर बाउरी और पिछले चुनाव में दूसरे स्थान पर रहे आजसू के उमाकांत रजक के बीच है.

बगोदर

कांग्रेस प्रत्याशी वासुदेव वर्मा के सामने दो प्रमुख पार्टियों बीजेपी और सीपीआइएम प्रत्याशी को पीछे करना बड़ी चुनौती है.

2005 और 2009 में मिली सीपीआइएम के चुनावी जीत को तोड़ते हुए बीजेपी के नागेंद्र महतो ने 2014 में यह सीट जीती थी.

जमुआ

कांग्रेस प्रत्याशी डॉ. मंजू कुमारी के सामने बीजेपी के सीटिंग विधायक केदार हजारा लगातार दो बार चुनाव जीते है. हालांकि मंजू कुमारी अपने जीत के लिए क्षेत्र में लगातार जनसंपर्क अभियान चला रही हैं.

गांडेय

गठबंधऩ की तरफ से जेएमएम के सरफराज अहमद चुनाव लड़ रहे हैं. उनके सामने बीजेपी के सीटिंग विधायक जय प्रकाश वर्मा फिर से मैदान में हैं.

लेकिन सरफराज अहमद का लगातार पार्टी बदल चुनाव लड़ने से उनकी छवि भी काफी धुमिल हुई मानी जा रही है.

कुछ दिन पहले तक वे कांग्रेस में थे. लेकिन टिकट नहीं मिलने से नाराज उनके जेएमएम में जाने से क्षेत्र के कांग्रेस कार्यकर्ताओं में काफी नाराजगी है.

गिरिडीह

जेएमएम प्रत्याशी सुदिव्य कुमार सोनू ने इस बार अपनी पूरी ताकत झोंक दी है. 2014 में बीजेपी के निर्भय कुमार शाहाबादी से काफी अंतर से हार मिली थी. इसबार से दोनों प्रत्याशी चुनावी मैदान में हैं.

डुमरी

जेएमएम प्रत्याशी जगन्नाथ महतो की मजबूती उनके जीत को पूरी तरह से मजबूत कर रही है.

सिंदरी

जेएमएम प्रत्याशी फूलचंद मंडल के सामने बीजेपी के इंद्रजीत महतो हैं.

सीटिंग विधायक फुलचंद्र मंडल ने टिकट काटे जाने के बाद जेएमएम का दामन थामा था. उनकी क्षेत्र में मजबूत पकड़ और जेएमएम वोट बैंक बीजेपी के सामने एक बड़ी चुनौती है.

झरिया

पहली बार पूर्व डिप्टी मेयर और कांग्रेस के टिकट पर 2014 में चुनाव लड़ चुके दिवंगत नीरज सिंह की पत्नी पूर्णिमा नीरज सिंह मैदान में है. उनके पत्नी की हत्या से क्षेत्र के लोगों की सहानुभूति उनके लिए काफी फायदेमंद हो सकती है.

धनबाद

कांग्रेस प्रत्याशी मन्नान मलिक के सामने बीजेपी के सीटिंग विधायक राज सिन्हा के चुनावी प्रचार के लिए पीएम मोदी आ चुके हैं. ऐसे में मोदी लहर का जलवा उनके लिए वरदान साबित हो सकता है.

टुंडी

गठबंधऩ के जेएमएम प्रत्याशी मथुरा प्रसाद महतो एक मजबूत प्रत्याशी है.

मांडू

जेएमएम के बागी विधायक जेपी भाई पटेल के ससुर मथुरा महतो के सामने आजसू के सीटिंग विधायक राजकिशोर महतो और बीजेपी के पूर्व सांसद रवींद्र पांडेय के बेटे विक्रम पांडेय के आने से मुकाबला त्रिकोणीय हो गया है.

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