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झारखंड : पिछले तीन सालों में सब्जियों की ऊपज घटी, 3.54 से 149 मीट्रिक टन तक की गिरावट

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Ranchi : झारखंड में सब्जियों की क्राइसिस हो गई है. पिछले तीन सालों में भिंडी, खीरा, बीन, गोभी, प्याज सहित अन्य सब्जियों की उपज में 3.54 मिट्रिक टन से 149 मिट्रिक टन तक की गिरावट आई है.

वहीं करेला का उत्पादन पिछले तीन सालों में नहीं बढ़ पाया है. 2017-18 में 293.53 हेक्टेयर में सब्जी की खेती हुई थी, जो 2018-19 में घटकर 289.2 हेक्टेयर हो गया.

गोभी के उत्पादन में 149.77 मिट्रिक टन की कमी

झारखंड में गोभी के उत्पादन में 149.77 मिट्रिक टन की कमी आई है. तीन साल पहले गोभी का उत्पादन 475.99 मिट्रिक टन था, जो घटकर 326.22 मिट्रिक टन हो गया है. बीन के उत्पादन में 35.54 मिट्रिक टन की गिरावट आई है. 226.71 मिट्रिक टन से घटकर बीन का उत्पादन 191.17 मिट्रिक टन ही रह गया है.

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रुला रहा है प्याज, उत्पादन में 3.54 मिट्रिक टन की कमी

प्रदेश में प्याज भी रुला रहा है. तीन साल पहले झारखंड में प्याज का उत्पादन 292.58 मिट्रिक टन था, जो अब घटकर 289.04 मिट्रिक टन ही रह गया है. इस हिसाब से 3.54 मिट्रिक टन उत्पादन में कमी आई है.

लंबी भिंडी (ओरका) का उत्पादन तीन साल पहले 452.12 मिट्रिक टन था, जो घटकर 92.4 मिट्रिक टन हो गया है. इसकी तरह अन्य सब्जियों का उत्पादन तीन साल पहले 323.25 मिट्रिक टन था, जो अब घटकर 307.28 मिट्रिक टन रह गया है.

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सब्जियों के साथ केला-आम का भी उत्पादन घटा

सब्जियों के साथ झारखंड में केला और आम का भी उत्पादन घट गया है. तीन साल पहले प्रदेश में आम का उत्पादन 438.54 मिट्रिक टन था, जो घटकर 435.85 मिट्रिक टन हो गया है. इसके उपज में 2.69 मिट्रिक टन उत्पादन में गिरावट आई है.

वहीं केला का भी उत्पादन घट गया है. तीन साल पहले 33.27 मिट्रिक टन केला का उत्पादन होता था, जो घटकर 32.05 मिट्रिक टन हो गया है. इसी तरह अन्य फलों का उत्पादन 104.49 मिट्रिक टन से घटकर 99.34 मिट्रिक टन हो गया है. अन्य फलों के उत्पादन में भी 5.15 मिट्रिक टन की गिरावट आई है.

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